सारंगढ़ । साय सरकार द्वारा जमीन रजिस्ट्री के नए नियम को इतना महंगा, पेचीदा और जटिल बना दिया है कि – इस समय सारंगढ़ के रजिस्ट्री कार्यालय में हफ्ते में दो- चार ही रजिस्ट्री हो रहे हैं । यह बात कहते हुए पार्षद शुभम बाजपेई ने बताया कि – नगरी निकाय क्षेत्र के जमीन दर को बढ़ा दिया गया है जिससे रजिस्ट्री शुल्क अधिक हो रहा है और जमीन के छोटे टुकड़ों के रजिस्ट्री को स्क्वायर फिट के दर से उस का मूल्य निकाला जाता है ।जिससे जितनी की जमीन नहीं होती उससे कई गुना रजिस्ट्री शुल्क लग रहा है ।इसमें किसानों का कहना है कि – काश्तकारी भूमि जो किसी के जमीन से लगा हुआ है और उसे चौहद्दी बनाने 5 से 20 डिसमिल जमीन तक का लेनदेन होता है , उसमें भी ही स्क्वायर फीट के आधार पर मूल्य निकाला जाता है जिसमें संबंधित जमीन एवं रजिस्ट्री शुल्क लाखों में होता है जबकि – किसान चल रहे हैं बाजार मूल्य के अनुसार एकड़ के भाव से संबंधित जमीन को अपनी सुविधा में खरीदता है । ऐसे में किसानों के लिए रजिस्ट्री के लिए नया नियम गले के नीचे नहीं उतर रहा है और इस नियम को किसान विरोधी शुभम बाजपेई ने बताया ।

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