सारंगढ़ । महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के नाम में बदलाव को लेकर जिपं सदस्य बिनोद भारद्वाज ने कहा कि – केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में बदलाव एवं नाम परिवर्तन को लेकर संसद में एक विधेयक प्रस्तुत किया गया है । प्रस्तावित बदलाव से योजना की संरचना व उसके क्रियान्वयन पर प्रभाव पड़ सकता है । भारद्वाज ने बताया कि – विश्व बैंक ने मनरेगा को विश्व की सबसे बड़ी रोजगार उपलब्ध करवाने वाली योजना के रूप में बताया था । उन्होंने कहा कि – वर्ष 2008 -09 में वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान इस योजना की भूमिका अहम रही । भारद्वाज के अनुसार योजना के नाम और स्वरूप में बदलाव को लेकर हमारा विरोध है और रहेगा। मनरेगा ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक व्यापक योजना रही है ।उन्होंने केंद्र सरकार की प्रस्तावित बदलाव पर असहमति जताई और इसे गरीबों से जुड़े मुद्दे से जोड़ कर देखा । महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना के नाम परिवर्तन को लेकर हमारी आपत्ति है । रोजगार गारंटी से जुड़े किसी बदलाव पर व्यापक चर्चा होना चाहिए । नाम बदलने से इस योजना की मूल भावना प्रभावित हो सकती है ।

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