सारंगढ़: जिले के 5 गांवो के 500 एकड़ कृषि भूमि पर खुलने वाला चूना पत्थर ओपन माइंस खदान हेतु आयोजित जनसुनवाई का ग्रामीणो ने बहिष्कार कर दिया जिसके चलते प्रशासन ने भी जनसुनवाई को निरस्त करने फरमान जारी कर दिया। इस पर्यावरणीय स्वीकृति के लिये आयोजित जनसुनवाई को लेकर प्रभावित 5 गांवो के निवासियों ने अभूतपूर्व एकता का परिचय दिया और जनसुनवाई स्थल के कुछ दूरी पर पूरा एरिया को घेरकर तगडा घेराबंदी कर दिया। ग्रामीणो के विरोध के उफान को देखते हुए प्रशासन ने जनसुनवाई को निरस्त करने का लिखित में पत्र जारी कर दिया। पर्यावरणीय स्तीकति के लिये इस जनसुनवाई के निरस्त होने के बाद उम्मीद जताया जा रहा है कि ग्रीन सस्टेनेबल कंपनी ओपन माईस खदान का अपना प्रस्ताव का बोरिया बिस्तर समेट सकती है।

दो फसली क़ृषि भूमि है क्षेत्र –
खेती पर आश्रित इन पांचों गांवों में जितनी भी जमीन है, सभी दो फसली है। कलमा बैराज की वजह से लात नाला में हमेशा पानी रहता है। यहां पंप लगाकर खेतों तक सिंचाई के लिए पाईपलाइन बिछाई गई है। पानी की सहज उपलब्धता के कारण वे दो फसलें लेते हैं। प्रति एकड़ करीब 35 क्विंटल धान की पैदावार होती है। सारंगढ़ के दूसरे हिस्सों के मुकाबले इन गांवों में दोगुनी उपज है। अभी इन गांवों में प्रति एकड़ 30-40 लाख रुपए का रेट है। इसलिए कोई भी अपनी जमीन नहीं छोडना चाहता ।
नलवा स्टील की है कंपनी –
ग्रीन सस्टेनेबल मैन्युफैक्वरिंग प्रालि. का पंजीयन लाइमस्टोन ब्लॉक नीलामी में भाग लेने के लिए ही किया गया है। कंपनी के अयरेक्टर रायगढ़ निवासी मुकेश डालमिया हैं। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 268 करोड़ रुपए आंकी गई है। 200 हे. में खदान के अलावा एक विशाल क्रशिंग प्लांट डाला जाएगा जिसकी क्षमता 700 टन प्रति घंटे होगी। लाइमस्टोन माइंस की जनसुनवाई आज रखी गई थी। लाइमस्टोन उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर ड्रिलिंग कर ब्लास्टिंग की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार धौंराभाठा गांव में 77.204 हेक्टेयर, जोगनीपाली में 26.957 हेक्टेयर, कपिस्दा में 3.546 हेक्टेयर, लालाधुरवा में 65.152 हेक्टेयर और सरसर गांव में 16.650 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज की गई है। सभी गांवों की भूमि को मिलाकर कुल 189.509 हेक्टेयर कृषि भूमि पाई गई है।
- आजादी के दशकों बाद भी बदहाल “देवरहा”मुक्तिधाम और पक्की सड़क के लिए तरस रहे ग्रामीण, सीईओ को सौंपा ज्ञापन… - August 1, 2026
- ‘जुर्माने का रिचार्ज’ खत्म होते ही फिर शुरू हुआ ‘खनन उत्सव’?बरमकेला में प्रशासन की लाचारी पर माफिया भारी!12 लाख का ‘टोल टैक्स’ चुकाकर फिर पटरी पर लौटा डोलोमाइट सिंडीकेट..सात एकड़ जमीन गायब, पर साहब लोगों की आंखें अब भी बंद! - August 1, 2026
- बरमकेला : बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बंदरापारा के प्रधान पाठक आत्माराम बर्खास्त..डीईओ डहरिया की कार्रवाई से मचा हड़कंप.. - August 1, 2026




