कलेक्टर ने अवैध धान परिवहन व भंडारण पर कार्रवाई के दिए सख्त निर्देश…
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। राज्य शासन के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में आगामी 15 नवंबर से धान उपार्जन कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संपूर्ण जिला प्रशासन सक्रिय है और खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु एवं किसान हितैषी बनाने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं।
उन्होंने कहा कि धान खरीदी की प्रक्रिया शासन की मंशानुसार पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संचालित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी किसान को असुविधा न हो। खरीदी केंद्रों में तौल मशीन, बारदाना, पेयजल, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल खरीदी व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाना ही नहीं है, बल्कि अवैध धान परिवहन और भंडारण पर सख्त नियंत्रण भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिले की सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए और किसी भी स्थिति में अवैध धान का प्रवेश या परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 24 घंटे सक्रिय
धान खरीदी की निगरानी एवं नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। यह सेंटर खरीदी केंद्रों से जुड़ी शिकायतों, किसानों की समस्याओं और अवैध धान परिवहन से संबंधित सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही जिला स्तरीय कंट्रोल टीम और प्रत्येक तहसील में फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं, जो सतत क्षेत्रीय निगरानी में रहेंगे। फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों को यह निर्देश दिया गया है कि वे खरीदी केंद्रों और सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर स्थिति की जानकारी लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट दें।
सीमावर्ती इलाकों में 25 चेकपोस्ट बनाए गए
सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन की संभावनाओं को रोकने के लिए 10 अंतरराज्यीय और 15 आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों पर संबंधित विभागों- राजस्व, खाद्य, पुलिस और परिवहन के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। चेकपोस्टों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है ताकि दूसरे राज्यों से अवैध धान जिले में प्रवेश न कर सके।
चार बड़ी कार्रवाइयों में जब्त हुआ 500 क्विंटल से अधिक धान
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि अब तक अवैध धान परिवहन और भंडारण के चार बड़े मामले पकड़े गए हैं।
रेंगालपाली अंतरराज्यीय बैरियर पर ओडिशा से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा एक ट्रक जब्त किया गया, जिसमें 500 बोरियों में धान भरा हुआ था।
तमनार तहसील के ग्राम बासनपाली में एक मालवाहक वाहन से 100 बोरियां अवैध धान पकड़ी गईं।
जमुना चेकपोस्ट पर ओडिशा की ओर जा रहे एक पिकअप वाहन से 60 बोरियां धान जब्त की गईं।
वहीं धरमजयगढ़ तहसील के ग्राम उदउदा में 1200 कट्टा धान का अवैध भंडारण पाया गया, जिसे प्रशासनिक अभिरक्षा में लेकर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इन कार्रवाइयों से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
किसानों की सुविधा सर्वोपरि
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खरीदी केंद्रों पर लंबी कतारें या बारदाने की कमी जैसी स्थिति न बने। प्रत्येक केंद्र पर किसानों के लिए पेयजल, विश्राम और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा खरीदी की प्रक्रिया को डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, जिससे खरीदी केंद्रों की गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन किसानों की मेहनत का पूरा सम्मान करेगा और हर एक क्विंटल धान का उचित मूल्य दिलाने के लिए कटिबद्ध है।
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