सारंगढ़-बिलाईगढ़ ज़िले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यह मामला है सारंगढ़ विकासखंड के गोड़म बालक छात्रावास का… जहाँ शिक्षा और अनुशासन की आड़ में बच्चों पर अत्याचार की कहानी खुलकर सामने आई है।
बताया जा रहा है कि 13 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे छात्रावास अधीक्षक खगेश्वर यादव शराब के नशे में हॉस्टल पहुँचे। वहाँ मौजूद बच्चों को डांट-फटकार के बाद उन्होंने दो छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि एक बच्चा वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा।
घबराए बच्चे और स्टाफ सकते में आ गए। इस बीच छात्रावास के रसोइए ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और बेहोश बच्चे को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। इलाज के बाद छात्र की जान बच गई और उसे होश आया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। घटना की सूचना जब बच्चे के परिजनों तक पहुँची, तो अगले दिन उसकी माँ छात्रावास पहुँची। उसने अधीक्षक से बच्चे की पिटाई पर सवाल किए, लेकिन आरोप है कि अधीक्षक ने महिला से भी अभद्र और अपमानजनक भाषा में बात की।
यह खबर फैलते ही 14 सितंबर को छात्रावास परिसर में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।

प्रशासन पर उठाये सवाल-
गुस्साए परिजन और ग्रामीण प्रशासन से सवाल करते हुए कहा
क्या बच्चों की सुरक्षा ऐसे अधिकारियों के भरोसे है? शिक्षा के मंदिर में बच्चों पर हाथ क्यों उठाया गया?
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन इस बार अधीक्षक की करतूत बच्चों की जान तक पर बन आई। लोग अब अधीक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल मामला तूल पकड़ चुका है और प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वह इस पूरे प्रकरण में जांच कर दोषी पर सख्त कार्रवाई करे।
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