पश्चिम बंगाल के पूरबा मेदिनीपुर के पंसकुरा में एक बच्चे ने आत्महत्या कर ली. उसने जहर खाकर अपनी जान दे दी. बच्चे पर एक दुकानदार ने चिप्स का पैकेट चुराने का आरोप लगाया था. इस आरोप के चलते दुकानदार ने पहले बच्चे से बीच बाजार में कान पकड़कर बैठा दिया थी और फिर उसकी पिटाई भी की थी.

हालांकि बच्चा लगातार यही कह रहा था कि उसने चिप्स का पैकेट नहीं चुराया. फिर इसी बात से आहत होकर बच्चे ने आत्महत्या कर ली.
ये मामला पंसकुरा के गोसाई बाजार से सामने आया है, जहां रहने वाले एक सातवीं कक्षा के छात्र कृष्णेंदु ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी अपने माता-पिता के नाम लिखा. उसने सुसाइड नोट में लिखा, “मां, मैं आपको बता रहा हूं कि मैंने चिप्स का पैकेट नहीं चुराया. मुझे यह मिल गया था. मुझे सड़क के किनारे पैकेट मिला था.मैंने चोरी नहीं की.” बच्चे ने मरने से पहले भी अपनी बेगुनाही की बात ही सुसाइड नोट में लिखी.
बाइक से कृष्णेंदु का पीछा किया
दरअसल, कृष्णेंदु रविवार को दास बाजार में चिप्स खरीदने गया था. शुभंकर दीक्षित नाम के एक शख्स की इस क्षेत्र में एक दुकान है. कृष्णेंदु उस दुकान पर गया. दुकान के बाहर चिप्स का पैकेट पड़ा देखकर कृष्णेंदु ने उसे उठा लिया और दुकानदार को न देखकर वह अपनी साइकिल लेकर वापस आ रहा था. तभी घर लौटते समय दुकान के मालिक शुभंकर ने अपनी बाइक से कृष्णेंदु का पीछा किया और उसे पकड़ लिया.
भरे बाजार में बच्चे की पिटाई की
इसके बाद उसने कृष्णेंदु पर चोरी का आरोप लगाया और भरे बाजार में उसकी पिटाई की. उसे कान पकड़कर बैठा दिया गया. इसके बाद मामले की जानकारी मिलने पर कृष्णेंदु की मां भी पहुंची और उसे डांटकर घर ले गई. इसके बाद चोरी का आरोप सहन न कर पाने की वजह से कृष्णेन्दु ने जहर खा लिया. हालांकि उसे तुरंत तामलुक मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. लेकिन गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई.
सीसीटीवी फुटेज सामने आया
जिस दौरान कृष्णेंदु चिप्स खरीदने गया था. उस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ पता चल रहा है कि बच्चा झूठ नहीं बोल रहा था. सीसीटीवी फुटेज में दुकान के सामने चिप्स का पैकेट पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. यही बात बच्चे ने अपने सुसाइड नोट में लिखी और कही थी. वहीं कृष्णेंदु की मौत के बाद से दुकानदार शुभंकर फरार है. लेकिन उसके घर पर तोड़फोड़ की गई.
दुकानदार को लेकर आक्रोश
घटना के बाद से इलाके के लोगों में दुकानदार को लेकर आक्रोश है. शुभंकर के पिता सूर्यकांत दीक्षित ने कहा, “कल कई लोगों ने हमारे घर पर हमला किया. उन्होंने तोड़फोड़ की. उन्होंने मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी. मुझे पता चला है कि उन्होंने मेरे बेटे की दुकान पर ताला लगा दिया है. मेरा बेटा निर्दोष है.” फरार दुकानदार की पत्नी निशा दीक्षित ने बताया, “कल बच्चे का शव हमारे घर के सामने छोड़ दिया गया और हमला किया गया. मैं अपने बच्चों के साथ घर पर थी. बच्चे डर से चिल्ला रहे थे. 200-250 लोग आए. सभी के हाथ में बांस की लाठियां थीं.”
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