(प्रभात फेरी दल बिर्रा की नई परंपरा)

बिर्रा – पहले लोगों की सुबह मूर्गे की बांग से हुआ करती थी।पर यह परम्परा अब विलुप्त हो रही है। बिर्रा के लोगों की सुबह पिछले दो साल से शंख ध्वनि और सीता राम राधे श्याम सहित किर्तन भजन व अन्य भजनों से हो रही है।इस परम्परा की शुरुआत प्रभात फेरी दल कहार मुहल्ला ने की थी। जिसमें आज गांव के हर मोहल्ले से ग्रामीण सुबह 4.30-5 बजे महावीर चौक से गांव के विभिन्न मुहल्ले में प्रभात फेरी करते हैं।यह प्रतिदिन सुबह शुरू हो जाता है।चाहे बारिश हो कि ठंडी हो प्रतिदिन भक्तों की टोली हनुमान जी की प्रतिमा, झंडा, शंख,मृदंग,झांझ मंजीरा के साथ भजन करते निकल पड़ते हैं। इनका स्वागत भी किया जाता है।इस परम्परा को नियमित आगे बढ़ाने छतराम कहार,खदा,सौखीलाल पटेल,दूजराम कश्यप, भूवनेश्वर कहरा,बरतराम आदित्य, संतोष आदित्य,महेश साहू,बुंदल, गोपाल श्रीवास,महेश ढीमर, कैलाश महापात्र,विजय थवाईत, सुदर्शन दास, संतराम, छोटेलाल, रामलाल सहित कहार मुहल्ला बिर्रा व ग्रामीण शामिल होते हैं।

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