रायगढ़: जिले के सबसे बड़े हॉस्पिटल का हाल हुआ बेहाल! टेबल-कुर्सी , सुई धागा, बेड से लेकर छोटे-छोटे जांच उपकरण भी समेट कर ले गया मेडिकल कॉलेज प्रबंधन…
रायगढ़। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल केजीएच का हाल बेहाल हो गया है। यहां टेबल-कुर्सी से लेकर बेड तक तो जांच उपकरणों से लेकर टांके लगाने के लिए सुई-धागे तक की कमी बनी हुई है। यह सब मेकाहारा के शिफ्टिंग के कारण हुई है। दरअसल, 9 साल तक यहां रहने के बाद जाते समय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने यहां एक तिनका तक नहीं छोड़ा। सारा का सारा सामान बटोर कर ले गये। इस स्थिति में अब यहां टांका लगाने के लिए बाहर से सुई-धागा खरीदना पड़ रहा है। नौ साल के लंबे इंतेजार के बाद स्वास्थ्य विभाग को सेठ किरोड़ीमल सरकारी जिला अस्पताल तो वापस मिल गया है। मरीज यहां पहले के जैसे ही आ रहे हैं। इलाज कराने के लिए भीड़ लग रही है मगर पहले के जैसी सुविधाएं उन्हें नहीं मिल पा रही हैं। मेडिकल कालेज से जिला अस्पताल को हैंड ओवर हुए करीब सप्ताहभर का समय हो गया है, लेकिन अभी तक यहां की सुविधाओं में सुधार नहीं हो सका है। हालांकि मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिले इसके लिए यहां सीविल सर्जन भी नियुक्त किया गया है, इसके बाद भी न तो पर्याप्त दवाईयां है और न ही सुविधाएं, जिसके चलते मरीजों व उसके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेकाहारा अलग होने के बाद भी यह अस्पताल शहर के बीच में होने के कारण यहां मरीजो की संख्या में कुछ खास कमी नहीं आई , लेकिन सुविधाओं में कमी जरूर आई है।
एक तरफ डाक्टर से लेकर स्टाफ तक कमी बनी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ उपचार संबंधी सुविधाओं का भी टोटा है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि शिफ्टिंग के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रबंधन यहां से छोटे से लेकर बड़ा सभी सामान समेट कर ले गया है। टेबल – कुर्सी, बेड से लेकर प्राथमिक जांच व इलाज के जरूरी सामान व संसाधन भी नहीं छोड़ गये हैं। इसकी वजह से जांच व इलाज में काफी परेशानी आ रही है। जिला अस्पताल में छोटे – बड़े एक्सीडेंटल के मामले रोजाना आते रहते हैं मगर यहां घायल को टांका लगाने के लिए सई तक उपलब्ध नहीं है। मरीजों के परिजनों को ही सुई- धागा खरीद कर लाना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
संसाधनों की कमी तो बनी हुई है। नये इंस्ट्रूमेंट खरीदने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है और लोकल स्तर पर खरीदी की तैयारी चल रही है। बेड की कमी को देखते हुए शासन से मांग की गई है। स्टॉफ की समस्या के बावजूद मरीजों को हर सुविधा प्रदान किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं : डॉ . आरएन मंडावी सिविल सर्जन केजीएच
20 बेड का कोविड वार्ड तैयार
केजीएच में टेबल-कुर्सी के साथ बेड की कमी भी बनी हुई है। हालांकि इन सब परेशानियों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए 20 बेड वाला कोविड वार्ड तैयार कर लिया है। इसके लिए 12 टेबल-कुर्सी एमसीएच से लाये जाने की बात कही जा रही है।
स्वीपर किट से चला रहे काम
जिला अस्पताल में व्याप्त संसाधनों की कमी के चलते इन दिनों स्वीपर किट का सामान लेकर टांका लगाने का काम किया जा रहा है। खास बात यह है कि सामानों की खरीदी के लिए फंड का भी टोटा बना हुआ है। फिलहाल समस्या को देखते हुए स्थानीय स्तर ही जरूरी सामानों की खरीदी करने की तैयारी की जा रही है।
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