रायगढ़: शिक्षा विभाग के दावे की खुली पोल!प्राथमिक स्कूल के क्लास रूम में ताला जड़ स्कूली बच्चे बैठ गये धरने पर, आखिर क्या है मामला पढ़िए…..
रायगढ़। शिक्षा विभाग भले ही जितने दावे कर ले कि सरकारी स्कूलों में कहीं कोई कमी है , सभी जगह बेहतर तरीके से पढ़ाई हो रही है मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज पुसौर के पुटकापुरी में मीडिल स्कूल के बच्चों ने सड़क पर उतर कर शिक्षा विभाग के दावों की पोल खोल कर रख दी। दरअसल, पुटकापुरी सरकारी स्कूल में पिछले दो सालों से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। तीन कक्षाओं के लिए एक ही शिक्षक उपलब्ध हैं। स्वाभाविक है, इससे पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी हैं कि इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अपनी समस्याओं को लेकर वहां के छात्र-छात्राओं ने खुद शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और क्लास रूम में ताला जड़ते हुए स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठ नारेबाजी करने लगे।
शासन सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्कूली बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर हर सुविधा मिले, इसके लिए कोशिश कर रही है। शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जा रहा है मगर तभी संभव हो सकेगा जब स्कूलों में अच्छे तरीके से पढ़ाई हो क्योंकि आज भी जिले में कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां शिक्षकों की कमी बनी हुई है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसा ही एक मामला पुसौर ब्लाक पुटकापुरी मिडिल स्कूल में कक्षा छठवीं से लेकर आठवीं तक 131 छात्र-छात्रायें अध्ययन करते हैं। मगर इन्हें पढ़ाने के लिए विद्यालय में मात्र 2 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जिनमें से एक पद प्राचार्य का होने के कारण वे स्कूल की व्यवस्था और दस्तावेजी कार्य को संभालने में ही लगे रहते हैं और बचे हुए एक टीचर के उपर ही तीनों क्लास के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी आ जाती है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई कैसे हो पायेगी, इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है। कोविड काल का खतरा कम होने के बाद इस साल स्कूली सत्र समय से शुरू हो गया है। पूरी क्षमता के साथ क्लास लगायी जा रही है मगर शिक्षकों की कमी
होने के कारण यहां तीनों क्लास की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इसको लेकर बच्चों की परेशानी बढ़ते जा रही है और वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित होने लगे हैं। कारण यह है कि सब कुछ जानने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में बच्चों की समस्या को दूर करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रहे हैं। यही वजह है कि अपनी समस्याओं को लेकर आज यहां के स्कूली बच्चों ने ही मोर्चा खोल दिया और शिक्षकों की मांग को लेकर सुबह स्कूल आने के बाद क्लास रूमों में ताला लगाते हुए धरने पर बैठ गये और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बच्चों के इस प्रदर्शन की खबर मिलते ही एनएसयूआई के नेता भी वहां पहुंच गये और उनका समर्थन करते हुए धरने पर बैठ गये। स्कूल के छात्र-छात्राओं का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं है बल्कि बीते 2 सालों से स्कूल में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। लॉकडाउन के कारण ऑनलाइन पढ़ाई की जा रही थी जिस वजह से दिक्कतें नहीं हो रही थी मगर अब विद्यालय में शिक्षकों की कमी की वजह से अपना भविष्य खतरे में देखकर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए हैं।

बीईओ ने दिये थे प्राचार्य को निर्देश
मौके पर पहुंचे पुसौर के बीईओ दिनेश पटेल ने बताया कि मीडिल स्कूल में शिक्षकों की कमी को देखते हुए उन्होंने पूर्व में ही यहां के प्राचार्य को व्यवस्था करने के निर्देश दिये थे। चूंकि यहां प्राइमरी से लेकर हाईस्कूल तक आसपास संचालित हैं। ऐसे में प्राचार्य से हाईस्कूल से शिक्षकों को यहां लाने की व्यवस्था करने निर्देशित किया था मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया।

तत्काल दो शिक्षकों की व्यवस्था की गई
क्लास रूम में ताला जड़कर स्कूली बच्चों के धरने में बैठने की खबर मिलते ही एसडीएम गगन शर्मा भी मौके पर पहुंच गये और छात्र छात्राओं से बातचीत की। समस्या से अवगत होने के बाद उन्होंने मोबाइल पर डीईओ से बातचीत की और तत्काल यहां 2 शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। ऐसे में तत्काल हाईस्कूल के दो शिक्षकों को यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। तब कहीं जाकर बच्चों ने धरना बंद किया।
क्या कहते हैं एसडीएम
पुटकापुरी मिडिल स्कूल में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। वहां तत्काल दो शिक्षकों की व्यवस्था कर दी गई है और अन्य शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गए हैं : गगन शर्मा, एसडीएम रायगढ़
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