रायगढ़। टिमरलगा और गुड़ेली में एक बार फिर से अवैध कारोबार शुरू हो गया है। कुछ दिन तक शांत रहने के बाद वसूली भी व्यवस्थित तरीके से होने लगी है। प्रति गाड़ी 500 रुपए लेकर बिना टीपी के निकाला जा रहा हैं। इस काम में खनिज बैरियर कर्मचारी के साथ कुछ स्थानीय भी संलिप्त हैं। लाईमस्टोन के अवैध कारोबार पर कभी भी खनिज विभाग पूरी तरह से लगाम नहीं लगा सका है। एक-दो दिन कार्रवाई के बाद कुछ समय तक तो सब ठीक रहता है, उसके बाद फिर से सब पुराने ढर्रे पर चलने लगता है। एक बार फिर से बिना टीपी गाड़ियां निकलने लगी हैं। जिन क्रशरों के पास लीज नहीं है, वे अवैध खदानों से पत्थर निकलवाते हैं। बहुत से क्रशर संचालक अपनी लीज के अंदर खनन नहीं करता। सभी को अवैध खदानों से ही आपूर्ति हो रही है। क्रशिंग के बाद बिना टीपी के गाड़ियों को बरमकेला और सरिया होकर निकाला जा रहा है। टिमरलगा बैरियर में प्रत्येक गाड़ी 500 रुपए लेकर छोड़ा जा रहा है। हर दिन सौ से ज्यादा गाड़ियां निकल रही हैं। वसूली में बैरियर कर्मचारी के अलावा कुछ स्थानीय भी लिप्त बताए जा रहे हैं। खनिज विभाग के अधिकारी अब इस ओर झांकने तक नहीं आ रहे हैं। अभी पूरी टीम कोयले की जांच में लगी हुई है इसलिए क्रशर संचालकों की मौज हो गई है। डोलोमाइट में भी ऐसे ही काम किया जा रहा है।

खदानें नहीं हुई है बंद?
खनिज विभाग ने टिमरलगा और गुड़ेली में अपनी कार्रवाई को गाड़ियों तक ही सीमित रखा है। कभी किसी लीजधारक से यह नहीं पूछा कि उसने कितना लाईम स्टोन खनन किया और कितनी रॉयल्टी पर्ची जारी करवाई। साथ ही अवैध खदानों की पहचान कर उसे पाटने की कार्रवाई भी नहीं की। अवैध खदानों से अभी भी उत्पादन हो रहा है।
- सारंगढ़:पैंगोलिन मौत का सनसनीखेज खुलासा, वन विभाग ने आरोपी को भेजा जेल.. - September 15, 2026
- सारंगढ़:आरक्षण के कथित उल्लंघन पर सतनामी समाज का प्रदर्शन कल, कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपेंगे राज्यपाल के नाम ज्ञापन… - September 15, 2026
- सारंगढ़:गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा झरियापारा, सिद्धि विनायक मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा.. - September 15, 2026
