बरमकेला मे “दो विभाग, दो दुनिया: सड़कों पर पसीना बहा रही पुलिस विभाग ,’कोचियों’ को अभयदान दे रहे आबकारी साहब ?
बरमकेला। होली के त्योहार पर सारंगढ़-बरमकेला जिले में प्रशासन के दो चेहरे देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ पुलिस अधीक्षक आंजनेय वैर्ष्णेय और उनकी टीम सड़कों पर उतरकर पसीना बहा रही है, ताकि जनता शांति से होली मना सके। वहीं दूसरी ओर, बरमकेला आबकारी विभाग ने शायद ‘मौन व्रत’ धारण कर लिया है। ऐसा लगता है कि बरमकेला के ‘अवैध महुआ साम्राज्य’ ने आबकारी विभाग को कोई ऐसी जड़ी-बूटी सुंघा दी है, जिससे उन्हें गांव-गांव में धधकती भट्ठियां भी नजर नहीं आ रही हैं।
बरमकेला पुलिस का ‘मार्च’ और आबकारी का ‘आराम’?
कलेक्टर और एसपी खुद पैदल मार्च कर हुड़दंगियों को चेतावनी दे रहे हैं। पुलिस की सक्रियता ऐसी है कि परिंदा भी पर न मार सके। लेकिन, बरमकेला के आबकारी अधिकारी शायद इस ‘फ्लैग मार्च’ को टीवी पर देख रहे हैं। उन्हें न तो महुआ का स्टॉक जमा करने वाले कोचिए दिख रहे हैं और न ही घर-घर खुल चुके ‘मिनी बार’। पुलिस कानून की रक्षा में जुटी है और आबकारी विभाग शायद ‘कोचिया कल्याण योजना’ के क्रियान्वयन में व्यस्त है।
कोचियों के लिए पुलिस ‘विलन’, आबकारी ‘देवदूत’
अवैध शराब बेचने वालों के लिए पुलिस का डंडा ‘काल’ बना हुआ है, लेकिन आबकारी विभाग उनके लिए ‘सांता क्लॉज’ साबित हो रहा है। होली पर जब महुआ शराब की डिमांड रॉकेट की तरह बढ़ रही है, तब आबकारी विभाग की चुप्पी यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या ये अधिकारी किसी ‘अघोषित समझौते’ के तहत घर बैठे हैं? पुलिस शराबियों को पकड़ रही है, जबकि आबकारी विभाग शराब बनाने वालों को ‘खुला मैदान’ दिए बैठा है।
क्या बरमकेला आबकारी साहब को ‘हर्बल शराब’ का इंतजार है?
ग्रामीण इलाकों में महुआ शराब का काला धुआं आसमान छू रहा है, पर आबकारी विभाग के चश्मे का नंबर शायद बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जनता पूछ रही है—साहब, जब पुलिस इतनी मेहनत कर रही है, तो आप किस ‘मुहूर्त’ का इंतजार कर रहे हैं?
क्या होली बीत जाने के बाद खाली ड्रमों पर डंडा चलाकर ‘वीरता’ दिखाएंगे?
पुलिस की तारीफ इसलिए बनती है क्योंकि वे सड़कों पर हैं, और आबकारी की विफलता इसलिए सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि वे ‘नदारद’ हैं। बरमकेला में होली के रंगों के बीच महुआ का नशा घोलने वालों पर नकेल कसना अगर पुलिस का ही काम है, तो आबकारी विभाग को ‘छुट्टी’ पर भेज देना ही बेहतर होगा।?
- वक्ता मंच की काव्य गोष्ठी: चेतन भारती महामूर्ख बने…”ये साल भी एक सवाल रह गया तेरे नाम का गुलाल रह गया”: राहुल साहू - March 2, 2026
- बरमकेला मे “दो विभाग, दो दुनिया: सड़कों पर पसीना बहा रही पुलिस विभाग ,’कोचियों’ को अभयदान दे रहे आबकारी साहब ? - March 2, 2026
- सारंगढ़ ब्रेकिंग: “सड़क पर पसरा सन्नाटा, बंधापली के पास काल बनकर दौड़ा ट्रक; मौत से जूझ रहा सालर का ईश्वर..” - March 2, 2026
