प्रभु ने वाराह रूप लेकर किया हिरण्याक्ष का संघार-व्यासाचार्य

IMG-20220215-WA0012.jpg
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34

बिर्रा-गौरव ग्राम मल्दा मे कश्यप परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस आचार्य कीर्तिकुमार पाण्डेय जी द्वारा सृष्टि की उत्तपति प्रसंग से कथा प्रारम्भ की गईं! प्रभु नारायण से ब्रम्हा जी की उत्तपति हुई एवं प्रभु ने ब्रम्हा जी सृष्टि विस्तार प्रजा उत्त्पन्न करने की आज्ञा दी! फिर प्रभु की आज्ञा से ब्रम्हा जी ने प्रजा के लिए स्थान देखा उस समय हिरण्याक्ष एवं हिरनकश्यप के पाप एवं अत्याचार से पृथ्वी रसातल मे जा चुकी थी! तब ब्रम्हा जी की नासिका छिद्र से भगवान वाराह के रूप मे प्रकट हुए एवं हिरण्याक्ष का संघार करके प्रभु ने पृथ्वी को पुनः स्थापित किया! फिर ब्रम्हा जी से मनु शतरूपा हुए उनके तीन बेटियां एवं उत्तानपाद प्रियव्रत दो पुत्र हुए! बेटियां हुई आकूति, देवहुति एवं प्रसूति जिनमे देवहुति का विवाह कर्दम ऋषि के साथ संपन्न हुई एवं कर्दम देवहुति की नौ कन्याये हुई एवं पुत्र के रूप मे स्वयं भगवान कपिल जी के रूप मे प्रकट हुए! एवं कपिल जी के द्वारा माता देवहुति को सांख्य शास्त्र के माध्यम से जीव की गति के साथ ज्ञान योग, कर्म योग एवं भक्ती योग की महिमा सुनाई गईं एवं कपिल जी के ज्ञान से माता देवहुति को परमपद की प्राप्ति हुई! पुनः प्रसूति का विवाह दक्ष महराज के साथ संपन्न हुआ! जिनके घर माँ भगवती स्वयं सती माता के रूप मे आई एवं माता सती का विवाह भगवान भोलेनाथ के साथ संम्पन्न हुई! पुनः सती चरित्र की कथा संपन्न हुई जिसमे दक्ष एवं भगवान शिव मे मतभेद एवं दक्ष द्वारा शिव अपमान से अपहत होकर माता सती का देह त्याग एवं शिवगणों द्वारा दक्ष यज्ञ विध्वंस की कथा सुनाई गईं एवं आज की कथा विश्राम की गईं! आज की कथा मे ग्राम मल्दा सहित आसपास गाँव से सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहें! जिनमे प्रमुख रूप से मुख्य यजमान श्री फेकूसिंह कश्यप उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बनमती, श्री दुवासराम कर्ष, छतराम कश्यप, नरेश यादव, प्रमुख रूप से उपस्थित रहें!

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (1)

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50

Recent Posts