जगन्नाथ बैरागी

रायगढ़। भारतीय जनता पार्टी के सारंगढ़ नगर अध्यक्ष व पार्षद अमित तिवारी ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जो हिंदी माध्यमिक स्कूलों को धीरे धीरे बंद करने का जो प्रयास राज्य शासन कर रहा है इससे गरीब तबका एवं ग्रामीण व गरीब जनता अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बहुत परेशानी उठानी पड़ेगी,जब शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा नीति लाई गई है जिसके तहत 3,3 किलोमीटर में हायर सेकेंडरी स्कूल खोला जाना है उस समय यह सरकार पुराने एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित एवं बड़े हायर सेकेंडरी स्कूलों को बंद करने का काम कर रही हैं जो किसी भी दृष्टिकोण से न्याय उचित नहीं,
सभी को पता है ग्रामीण जनता शासकीय स्कूलों पर निर्भर है और अपने बच्चों को शासकीय स्कूलों में अध्यापन हेतु भेजती है कई पालक अपने बच्चों को छात्रावास में इसलिए भेजते हैं कि उनके ऊपर आर्थिक भरना न आए, परंतु जिस नीति के तहत अंग्रेजी माध्यम के नाम से हिंदी माध्यम को बंद किया जा रहा है वह पूर्णतह गलत है,
राज्य शासन को चाहिए था की अंग्रेजी माध्यम का अपना अलग स्कूल खोलते हैं परंतु स्कूल को बंद नहीं किया जाना था जिससे आगामी जुलाई 22 माह में नवमी एवं 11वीं में के साथ छठवीं में भी इन स्कूलों में प्रवेश बंद हो जाएगा ऐसा उसने आदेश में दिखता है जो क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा नुकसानदायक होगा ,
जीन नगरों में ग्रामीण एरिया से छात्र अध्यापन हेतु आते थे अब उन नगरों के छात्र ग्रामीण एरिया में बने दूरदराज के हाई स्कूल एवं मिडिल स्कूल पर निर्भर रहेंगे
विनाश काले विपरीत बुद्धि की तर्ज पर यह निर्णय लिया गया है जिसने भी यह नीति बनाई है वह छत्तीसगढ़ के परिवेश से अवगत नहीं वह वातानुकूलित कमरा में बैठकर छत्तीसगढ़ के लिया नीति बना रहा है नीति बनाने वाले अधिकारियों को चाहिए कि ग्रामीण एरिया का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति से अवगत हो जब होगा तो होंगे तब किसी भी हाल में इन स्कूलों को बंद नहीं करेंगे बल्कि जो गलतियां भी हो चुकी है उसको तत्काल सुधार करेंगे ,और उन स्कूलों को पुनः प्रारंभ करना चाहिए नहीं तो अगले सत्र में पूरे प्रदेश की जनता सड़क पर दिखेगी और अधिकारी गलत बातों को तर्क से सही सिद्ध करने का प्रयास करते रहेंगे
शांत जनता को इतना परेशान मत करो कि वह मजबूरन सड़क पर आकर विरोध दर्ज करें कुछ चीजों को शासन को स्वयं समझना चाहिए अगर गलत निर्णय हो गया है उसे तत्काल सुधार करें
भारतीय जनता पार्टी शासन में आते ही इस तुगलकी फरमान को समाप्त करेगी और शिक्षा में जितना ज्यादा हो सके उसका विस्तार करें साथ ही उन प्रमुख हिंदी माध्यम स्कूलों का पुनः प्रारंभ कर जिन शिक्षकों को गलत तरीके से हटाया गया है उनको वापस लाया जाएगा और क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाए गा
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