रायगढ़: मशरूम उत्पादन से स्वावलंबन की ओर महिला समूह…
रायगढ़, प्रोटीन और फाईबर से भरपूर मशरूम आज खाने में जायके के साथ ही रोजगार मुहैया करवा रही है। विशेष तौर पर सब्जी के रूप में प्रयोग किया जाने वाला मशरूम का उत्पादन कर महिला समूह को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का जरिया भी मिला है। मशरूम के उत्पादन और अच्छी कीमत मिलने से समूह का उत्साह बढ़ा है। जिससे समूह द्वारा आय में वृद्धि के लिए अतिरिक्त स्पान के माध्यम से उत्पादन में वृद्धि भी किया जा रहा है। मशरूम की ओएस्टर(ढिगरी) प्रजाति को डायबिटिज के लिए फायदेमंद माना जाता है। पैडीस्ट्रा, ढिगरी, ब्लू, मिल्की, बटन मशरूम जैसे विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन तापमान नियंत्रित कर 12 माह उत्पादन किया जा सकता है। जिले में मांग के अनुरूप वन विभाग द्वारा महिला समूह के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार बढ़ाने की दिशा में मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पश्चात विभिन्न विकासखंडो की महिला समूह मशरूम उत्पादन में संलग्न होकर आर्थिक रूप से स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
वन विभाग रायगढ़ द्वारा वनोपज से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं वन प्रबंधन समितियों के अंतर्गत गठित समूह की महिलाओं को मशरूम के फायदे बताकर उत्पादन के प्रति जागरूकता लाने जून 2021 में तिल्गा गौठान में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं द्वारा इन मशरूम का उत्पादन कर खट्टे मीठे मशरूम अचार,पापड़, मशरूम बड़ी, प्रोटीन पाउडर तथा सुखा मशरूम बनाया जाएगा। मशरूम उत्पादन में लाभांश की संभावना को देखते हुए तमनार, खरसिया, रायगढ़ व घरघोड़ा में ढिगरी मशरूम का उत्पादन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पैडीस्ट्रा प्रजाति के लिए अनुकुल मौसम समाप्ति होने के कारण सीमित मात्रा में स्पान का उपयोग किया गया। जिससे मात्र 12 दिनों में 1500-5000 हजार का लाभ प्राप्त किया गया। इसी तरह बिंजकोट खरसिया के 5 स्व-सहायता समूह को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें समूह द्वारा शुरूआती दौर में 5 किलोग्राम तक उत्पादन कर बिक्री किया गया है। जिससे समूह ने उत्पादन बढ़ाने के लिए ब्रिकी के पैसे से स्पान खरीदकर पुन: उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह रोडोपाली, ढोलनारा, सक्ता, तिल्गा, भगोरा आदि स्थानों में समूह द्वारा पैडीस्ट्रा का प्रशिक्षण कर उत्पादन कर पुन: स्पान लिया गया है। जिससे उत्पादन में वृद्धि किया जा सके। आज समूह की महिलाए मशरूम उत्पादन कर एवं उनसे विभिन्न उत्पाद तैयार कर आर्थिक स्वावलंबन के साथ उद्यमिता की ओर अग्रसर हो रही है।

मशरूम कल्टीवेशन प्रशिक्षण से मिलेगा लाभ-
वन विभाग रायगढ़ व मेंटोर एजेसी विजय लक्ष्मी समाज कल्याण समिति के द्वारा तमनार, घरघोड़ा, खरसिया, व रायगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में मशरूम कल्टीवेशन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे महिला समूह को मशरूम से आचार, पापड़, बिस्कीट, बड़ी जैसे विभिन्न उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे समूह को साल भर का रोजगार एवं मुनाफा मिलेगा। इससे घरेलू समय के पश्चात शेष समय का उपयोग कर महिलाओं द्वारा एक अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।

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