रायगढ़। एन जी टी के निर्देश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पोल्ट्री फार्मों को तीन वर्गों में बांट कर नए नियम जारी कर दिए गए हैं । नए नियमों के अनुसार पोल्ट्री फार्मों को आबादी क्षेत्र से कम से कम 500 सौ मीटर की दूरी पर बनाना होगा । अपशिष्ट के निपटाने के लिए भी नियम तय कर दिए गए हैं । छोटे वर्ग में आनेवाले पोल्ट्री फार्म को किंचित राहत है पर मझौले और बड़े फार्मों के संचालन के लिए नियमों में सख्ती बरती गई है ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे । मालूम हो कि पोल्ट्री फार्मों से बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन सल्फाइड और अमोनिया जैसी गैस निकलती है जो पर्यावरण के लिए और मनुष्यों के लिए समान रूप से हानिकारक है । अब 25000 से अधिक मुर्गियों वाले फार्म के संचालन के लिए पर्यावरण विभाग की अनुमति अपरिहार्य होगी।

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