नागपुर में महावितरण ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर को बिल्कुल सुरक्षित होने का दावा किया था लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ है। बिजली चोरी करने वालों ने इस मीटर से भी विविध तरीकों से बिजली चोरी को अंजाम दिया है।

स्मार्ट मीटर फिलहाल टीओडी के नाम पर लगाए जा रहे हैं। महावितरण की कार्यकारी संचालक अपर्णा गीते ने नागपुर प्रादेशिक कार्यालय के तहत संबंधित विषय पर बैठक ली।
इसमें यह उजागर हुआ कि टीओडी मीटर से भी बिजली चोरी की जा रही है। उन्होंने बिजली चोरों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की हिदायत अधिकारियों को दी। बैठक में नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके, उपसंचालक सुनील थापेकर, नागपुर जोन के सभी फ्लाइंग स्क्वाड के प्रमुख उपस्थित थे। मिली जानकारी के अनुसार पूरे राज्य में 743 टीओडी मीटर से बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं जिसमें 141 नागपुर परिमंडल के हैं।
मीटर में छेदकर चोरी
जो प्रकरण उजागर हुए हैं उसमें मीटर में एक छोटा छेदकर बिजली चोरी करना, चुंबक लगाकर मीटर की स्पीड कम करना या बंद करना जैसे हथकंडों का समावेश है। कुछ जगहों पर मेन सर्विस लाइन से बायपास कर बिजली चोरी करने का मामला भी उजागर हुआ है। राज्य में सर्वाधिक 343 चोरी के मामले छत्रपति संभाजीनगर में सामने आये। कोंकण में 167 और पुणे में 92 मामले उजागर हुए।
मीटर टैम्परिंग का करें अध्ययन
गीते ने जांच टीम को स्मार्ट मीटर टैम्परिंग प्रकरणों की उचित जांच व अध्ययन करने का निर्देश दिया। साथ ही एमडीएमएस डेटा का विश्लेषण कर स्मार्ट मीटर जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश भी दिया। बिजली चोरी संबंधी प्रलंबित रिपोर्ट भी समय पर सादर करने का आदेश उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिया।
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