छत्तीसगढ़: 16 साल की उम्र में बहन ने बेचा, पति-ससुर करते रहे रेप, 5 साल बाद भागी तो सामने आई ये खौफनाक कहानी…
छत्तीसगढ़ से मानव तस्करी का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। 16 साल की आदिवासी युवती को उसकी चचेरी बहन 2 लाख रुपये में बेच दिया। खरीदने वाले शख्स ने जबरन उससे शादी की।
जुल्म की इंतेहा यहीं नहीं रूकी। पति और ससुर उसके साथ 5 साल तक रेप करते रहें। अब किसी तरह वह अपने घर पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को अरेस्ट कर लिया है।
काम दिलाने के बहाने बुलाया दिल्ली और बेच दिया
पूरा मामला कवर्धा के कुकदुर इलाके का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, युवती की मामा की लड़की ने उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली बुलाया और उसे एक डॉक्टर के यहां काम पर लगवा दिया। कठिन परिश्रम की वजह से वह टूट गई और अपनी बहन से कहा कि वह घर जाना चाहती है। पर युवती की ममेरी बहन ने युवती को हरियाणा के एक शख्स के हाथों बेच दिया। शख्स ने जबरन उससे शादी की। फिर उसका पति और ससुर दोनों मिलकर उसके साथ रेप करने लगे।
चचेरी बहन और अन्य के खिलाफ केस दर्ज
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 21 वर्षीय युवती अब एक बच्चे की मां है और छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित अपने घर आ चुकी है। युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने उसकी चचेरी बहन और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ रेप, मानव तस्करी और आपराधिक धमकी के तहत केस दर्ज कर लिया है। चचेरे भाई को अरेस्ट कर लिया गया है। बाकि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम हरियाणा जाने की तैयारी में है। पुलिस का कहना है कि जिस समय युवती के साथ यह घटना हुई। उस समय वह नाबालिग थी। इसलिए आरोपियों के खिलाफ पास्को अधिनियम भी लगाया जाएगा। साल 2018 में युवती काम की तलाश में थी। उसी समय मध्य प्रदेश में रहने वाली उसकी मामा की बेटी ने उसे दिल्ली बुलाया था।
बहाने से परिवार वालों से बात करने को किया राजी
युवती ने पुलिस को बताया कि उसका जीवन नरक बन गया था। पति और ससुर दोनों उनके साथ रेप करते थे। उससे गुलाम की तरह काम कराया जाता। बच्चे के जन्म के बाद युवती ने भागने का फैसला किया और ऐसा व्यवहार करने लगी। जैसे की उसने पति और ससुर को स्वीकार लिया हो। फिर उसे अपने परिवार से बात करने का मौका मिला। एक दिन मौका मिलने पर युवती ने अपने पिता से भागने की योजना बताई। रिपोर्ट के अनुसार, मीरा के पति और ससुर ठेकेदार का काम करते थे। उन्हें मजदूरों की आवश्यकता थी। युवती ने उन्हें बताया कि गांव में बहुत मजदूर हैं और उन्हें वहां लाया जा सकता है।
दो साल बाद मां को सौंपना पड़ा बच्चा
युवती की बात से पति सहमत हो गया और युवती को लेकर उसके गांव पहुंचा। तब उसे अपना पोल खुलने का एहसास हुआ। उसे गांव से बाहर निकाल दिया गया। पर वह पीड़िता के मॉं-बाप से उलझकर बच्चे को ले जाने में कामयाब रहा। फिर पुलिस से संपर्क किया। सफलता नहीं मिली। दो साल बाद बच्चे को उसकी मां को सौंपा। महिला के बयान के बाद यह मामला सामने आया है।
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