रायगढ़, कक्षा आठवीं की एक नाबालिग छात्रा को भगा ले जाने के बाद टांसपोर्ट नगर में उसकी आबरू से खिलवाड़ के मामले में आरोप सिद्ध होने पर फास्ट टैक कोर्ट ने दुष्कर्मी युवक को 20 साल की सजा सुनाते हुए उसे 7 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है।

न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम गोतमा निवासी शनिदेव बरेठ पिता निराकार (20 वर्ष) ने चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के ग्राम छुहीपाली निवासी वासुदेव पटेल पिता मकरध्वज (22 साल) तथा उसी गांव की जेमाबाई सेठ पिता बसंत सेठ (३6 वर्ष) की मदद से विगत 4 जनवरी 2022 को आठवीं कक्षा में पढने जाली 14 बरस की नाबालिग बालिका को बहला फु्सलाकर अपने साथ भगा ले गया और रायगढ़ के टांसपोर्ट नगर बस स्टैंड में उसकी अस्मत लूट ली। चूंकि, शनिदेव पहले भी नाबालिग छात्रा को चिट्टी लिखने के अलाबे फोन से भी परेशान करता था, इसलिए युवक के भी गायब मिलने पर किशोरी के परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
5 फरवरी को पुलिस ने टीपी नगर बस स्टैंड में लापता किशोरी को खोज निकालते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 366, 376 और धारा 4 (2) लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया था। इस संवेदनशील मामले से जुड़े पहलुओं, सबूतों ओर दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फास्टटैक कोर्ट की विद्वान न्यायाधीश श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने आरोप प्रमाणित होने पर शनिदेव बरेठ को 20 बरस जेल में रहने की सजा सुनाने के अलावे उसे अलग अलग धाराओं के तहत 7 हजार रूपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। यही नहीं, निर्धारित समय में अर्थदंड की राशि चुकता नहीं करने पर मुल्जिम को 8 महीने जेल में अतिरिक्त रहना होगा। इस प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरजी की।
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