कवर्धा जिले के जंगलों में दुर्लभ वन्य जीव पाए जाते हैं. इस बार भी एक बिना जहर वाला दुर्लभ प्रजाति का सांप मिला है. जिसे वन विभाग की मदद से भोरमदेव अभयारण्य मे छोड़ा गया है.

दुर्लभ प्रजाति का सांप
दुर्लभ सांप का नाम डुमरिल ब्लैक हेडेड स्नेक: (डूमेरिल्स ब्लैक हेडेड स्नेक) दरअसल नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य अविनाश ठाकुर को फोन आया की जोराताल के एक घर में सांप दिखा है. जो सामान्य सांपों से अलग दिख रहा है. अविनाश ने जाकर देखा तो वह एक दुर्लभ मिलने वाला सांप था. जिसका नाम डुमरिल ब्लैक हेडेड स्नेक है. जिसके बारे में उनहोंने लोगों को जानकारी दी. यह एक बिना जहर वाला सांप है. जिसका मुख्य आहार कीट पतंगे हैं. यह सांप सभी जगह पाया जाता है. लेकिन छत्तीसगढ़ के कुछ ही जिलों में इसे देखा गया है.
कवर्धा में पहले भी दुर्लभ जीव मिले: ऐसे ही विभिन्न जीवों का मिलना कवर्धा के स्वस्थ प्रकृति तंत्र का एक सूचक है. इसके पहले भी कवर्धा में दुर्लभ छिपकली सतपुड़ा लियोपैड गेको मिली थी. इसके बाद यहां दुर्लभ उल्लू भी मिला था.
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