मनोज अग्रवाल

जैजैपुर। उप पंजीयक कार्यालय जैजैपुर में इन दिनों स्टांप पेपर की कालाबाजारी चरम पर है। यहां सरकार द्वारा निर्धारित स्टांप शुल्क पर स्टांप नहीं मिलता। यहां स्टांप वेंडर ही स्टांप पेपर का शुल्क तय करते हैं। स्टांप पेपर कालाबाजारी के मामले जब पत्रकारों ने सच्चाई की पड़ताल की तब पता चला की जिम्मेदार अधिकारी के सह पर स्टांप वेंडर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर स्टांप पेपर बेंच रहे हैं। जिसका कमिशन जिम्मेदार अधिकारी तक पहुंचाया जाता है। उक्त जानकारी स्टांप वेंडरों से पता चला। जिम्मेदार अधिकारी से मामले पर बात करने पर उन्होंने मामले पर अनभिज्ञता जताते हुए। जानकारी मिलने पर जांच कार्यवाही की बात कही। जो अधिकारी की मिलीभगत कार्यशैली को दर्शाता है।

स्टॉक की जानकारी अपडेट नहीं करते स्टांप वेंडर, क्या इससे भी अनभिज्ञ हैं जिम्मेदार ?
अधिक कीमत पर बेची जा रही स्टांप पेपर पर जिम्मेदार ने जानकारी नहीं होने की बात तो कह दी। क्या जिम्मेदार ने कभी स्टांप पेपर की कमी वाली बातों पर ध्यान देते हुए। स्टांप वेंडरों को स्टांप पेपर की जानकारी सामने में दर्शाने और जनता को स्टांप की उपलब्धता के बारे पारदर्शिता पर ध्यान देने कोई कदम उठाया? अगर नहीं तो साफ है की उनके सह पर ही स्टांप पेपर की कमी के नाम पर खुलेआम स्टांप पेपर की कालाबाजारी किया जा रहा है।
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