जगन्नाथ बैरागी

रायगढ़। रायगढ़ स्टेडियम में खेल और सिलेक्शन के नाम पर यौन शोषण का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां बास्केटबॉल खेलने वाली दो लड़कियों ने अपने कोच के खिलाफ नेशनल सिलेक्शन के लिए उन पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने को लेकर महिला थाना में शिकायत की है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि फिजिकल टेस्ट के नाम पर उनके कपड़े उतरवाए जाते थे। इसमें एक महिला कोच भी शामिल है।
पीड़ित लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की बॉस्केटबॉल में दिलचस्पी है। इसके कारण व रायगढ़ स्टेडियम में बास्केटबॉल खेलने और कोचिंग लेने जाती है। जहां उनकी कोच द्वारा बड़ी ही शर्मनाक और घिनौनी बात कही गई। स्थानीय महिला कोच अंजू जोशी और उनके दिल्ली के कोच गोपी द्वारा के द्वारा उनके लड़की को फिजिकल टेस्ट के नाम पर कपड़े उतारने को कहा गया। इसके साथ ही बच्ची के पिता ने बताया कि महिला कोच के द्वारा यह कहा गया कि “अगर उसे नेशनल प्लेयर बनना है तो उसके लिए उसे ऐसा करना पड़ेगा, इसके अलावा कुछ और बड़े लोगो के साथ शारीरिक संबंध भी बनाने होंगे। ऐसा सब करते है तुमको भी करना होगा।” इस बात से दुखी होकर बच्ची ने सारी बात अपने परिजनों को बताई।
पीड़ित बच्ची अपने परिजनों के साथ महिला थाना पहुंची है। पीड़ित बच्ची ने अपनी महिला और पुरुष सोच के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
मामले के बारे में बताते हुए महिला सेल प्रभारी अंजू मिश्रा
महिला सेल प्रभारी मंजू मिश्रा ने बताया कि रायगढ़ की दो नाबालिग लड़कियां आज अपनी शिकायत लेकर आई थी उन्होंने अपने दिल्ली के बास्केटबॉल कोच और रायगढ़ की रहने वाली अंजू जोशी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है उनका कथन लेकर संबंधित थाना में भेज दिया गया है। इस मामले में उच्च अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।
कड़ी कार्यवाही जरूरी…
देखा जाए तो इस तरह के कई मामले पहले भी प्रकाश में आए हैं। ज्यादातर मामले दबाव के कारण सामने आते ही नहीं। कैरियर बनाने सपने दिखाकर और कैरियर तबाह करने की धमकी देकर कई लड़कियों शारीरिक और मानसिक शोषण होता है। कभी ऊंची उड़ान तो कभी सपनों, कभी डर के कारण ऐसे मामले प्रकाश में नहीं आते। इन्हीं सब को देखते हुए कार्यस्थल/ऐसी किसी जगह पर एक लेडीस हरासमेंट कमेटी बनाने की व्यवस्था कानून द्वारा की गई है लेकिन इस मामले में एक महिला कोच द्वारा ही एक महिला के साथ इस तरह का दबाव बनाना, काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में कड़ी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई देकर समाज में एक जरूरी संदेश देना जरूरी हो गया है ताकि हमारी बच्चियां घर से बाहर किसी काम से निकले या किसी काम पर जाएं तो अपने आप को सुरक्षित महसूस करें। इस तरह के वातावरण के निर्माण के लिए इस तरह के मामलों में एक कड़ी कार्यवाही अति आवश्यक है।
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