बिग ब्रेकिंग: मां चंद्रहासिनी, नाथलदाई ने फिर दिखाया चमत्कार, पढ़ कर आप भी हो जाएंगे नतमस्तक, खुद ब खुद ईश्वरीय शक्ति का आभास कराती यह घटना….
रायगढ़ । यूँ तो मा चंद्रहासिनी के चमत्कार के बारे मे हम वर्षो से सुनते और लोगों के माध्यम से अहसास करते आ रहे हैं, लेकिन आज की घटना ने पुनः नतमस्तक होने मजबूर कर दिया है।

यदि आपने भी मां चंद्रहासिनी और नाथल दाई का नाम सुना होगा तो यह भी जरूर जानते होंगे कि समय-समय पर यहां चमत्कारिक घटनाएं खुद ब खुद ईश्वरीय शक्ति का आभास कराती रहती हैं । पूर्व में एक घटना घटित हुई थी जिसमें एक बालक को महानदी में फेंक दिए जाने के बावजूद उसकी जान ईश्वरीय शक्तियों ने बचा ली थी इस बात की मान्यता लंबे समय से चली आ रही है इस पर भजन गीत भी काफी प्रचलित है। ऐसी ही एक घटना आज एक बार फिर घटित हुई जिसके बाद लोगों की आस्था चंद्रपुर की माता चंद्रहासिनी एवं नाथल दाई पर और भी प्रगाढ़ हो गई ।

हुआ यूं कि एक वृद्ध है जो छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से चंद्रपुर दर्शन के लिए पहुंचा था यहां सुबह जब वह महानदी के तट पर था तो उसका पैर फिसला और वह नदी में डूब गया पानी के तेज बहाव के कारण वह पानी के बाहर ना आ सका और बहता ही चला गया। वहां से लगभग 15 किलोमीटर दूर सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिहरा पहुंचा जंहा नदी तट पर मौजूद मछुआरे अलेख निषाद ने उसे देखा कि नदी में कोई शव बह कर चला आ रहा है तो उसने अपनी नाव का रुख उधर कर दिया और नदी में बह रहे उस वृद्ध को उठाकर नाव पर रख लिया। मछुआरे ने देखा कि वृद्ध की धड़कनें चल रही थी। ऐसे में उसने अन्य ग्रामीणों को भी बुलवाया और मेडिकल एवं पुलिस सहायता के लिए डायल 112 में फोन किया ।
नदी में बह कर आए वृद्ध व्यक्ति ने अपना नाम मोहन पटेल , थाना दर्री , जिला कोरबा बताया। जिसके बाद सरिया थाना प्रभारी के माध्यम से वृद्ध को उसके परिजनों से संपर्क कर चंद्रपुर थाना में सुपुर्द किया गया है, व्यक्ति ने बताया की पानी मे बहते वक्त वो बार बार मां को हिब्याद कर रहा था फिर उसे कुछ याद नही।

- वक्ता मंच की काव्य गोष्ठी: चेतन भारती महामूर्ख बने…”ये साल भी एक सवाल रह गया तेरे नाम का गुलाल रह गया”: राहुल साहू - March 2, 2026
- बरमकेला मे “दो विभाग, दो दुनिया: सड़कों पर पसीना बहा रही पुलिस विभाग ,’कोचियों’ को अभयदान दे रहे आबकारी साहब ? - March 2, 2026
- सारंगढ़ ब्रेकिंग: “सड़क पर पसरा सन्नाटा, बंधापली के पास काल बनकर दौड़ा ट्रक; मौत से जूझ रहा सालर का ईश्वर..” - March 2, 2026
