मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में आदिवासी समुदाय की तीन सगी बहनों ने कथित तौर पर एक पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना जावर थाने के अंतर्गत भामगढ़ गांव के कोटा फाल्या में हुई. तीनों बहनों की पहचान सोना, सावित्री और ललिता के तौर पर हुई है. उनके पिता का देहांत करीब 4 साल पहले हो चुका है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पिता का हो चुका है देहांत
खंडवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि सोनू (23), उसकी छोटी बहनें सावित्री (21) और ललिता (19) के शव पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटके मिले. सिंह ने बताया कि उनके पिता का देहांत करीब चार साल पहले हो चुका है. वे भामगढ़ गांव के कोटा फाल्या में अपनी मां के साथ ही रहती थीं.
परिवार में 8 भाई-बहन
उन्होंने कहा कि परिवार में मां के अलावा कुल 8 लोग थे. इनमें 5 बहनें और तीन भाई हैं. सिंह ने कहा कि शुरूआती जांच में पुलिस और फॉरेंसिक टीम का मानना है कि तीनों ने आत्महत्या की है. हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और उनकी मौत की असली वजह का पता लगाया जा रहा है.
रात को चुपचाप घर से निकलीं
जानकारी के अनुसार, सभी लोगों ने रात को खाना खाया और सो गए. इसी बीच तीनों बहन रात को घर से निकली और दरवाजे की कुंडी बाहर से लगा दी थी. सोनू कॉलेज में पढ़ती थी. सावित्री की शादी हो गई थी और ललिता सबसे छोटी थी.
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सूचना मिलने पर जावर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से शवों को पेड़ से उतारा. सिंह ने कहा कि शवों का पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया था. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है.
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