छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) में नक्सली जवानों को भ्रमित करने के लिए कई तरह की चाल चलते हैं. वे कभी बैनर पोस्टर के नीचे बम लगाकर रखते हैं, कभी सड़कों पर गाय बैल की आड़ में जवानों पर फायरिंग करते हैं तो कभी अपने ही तरह की वेशभूषा में डमी बनाकर जवानों को दिग्भ्रमित करते हैं. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा पल्ली-बारसूर रोड में भी नक्सलियों ने जवानों को भ्रमित करने के लिए एक ऐसा ही डमी बनाकर रखा है. दरअसल नक्सली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक नक्सली संगठन के संस्थापक चारू मजूमदार की याद में शहीद दिवस मना रहे हैं.

नक्सलियों ने किया बंद का आह्वान
इस दौरान उनकी तरफ से बस्तर बंद का आह्वान किया गया है. इसके लिए नक्सली पहले ही बस्तर के अलग-अलग जिलों में बैनर पोस्टर लगाकर और पर्चे फेंककर आम जनों से शहीदी सप्ताह को सफल बनाने का आह्वान कर रहे हैं. साथ ही अपने बंद के पहले ही जगह-जगह पेड़ की टहनी काटकर मार्ग को बाधित कर रहे हैं तो कहीं अपने नक्सली वेशभूषा में डमी खड़ा कर पुलिस को भ्रमित करने में लगे हुए हैं.
जवानों को भ्रमित करने के लिए डमी
दरअसल दंतेवाड़ा से नारायणपुर को जोड़ने वाली पल्ली बारसूर सड़क में नक्सलियों ने जगह-जगह बैनर पोस्टर लगाए हैं. साथ ही सड़क किनारे जंगलों में नक्सलियों ने जवानों को गुमराह करने के लिए नकली एम्बुश भी लगा रखा है. नक्सलियों ने लकड़ी की बंदूक पकड़ाकर एक डमी बनाकर पेड़ के सहारे खड़ा किया है. यह पुतला देखने में ऐसा लग रहा है कि मानो कोई व्यक्ति या नक्सली बंदूक लेकर किसी को निशाना लगा रहा हो.
एसपी ने क्या बताया
दंतेवाड़ा के एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया, नक्सली इससे पहले भी इस तरह के एम्बुश लगाकर जवानों को भ्रमित करने की कोशिश कर चुके हैं ताकि मौके पर नक्सली होने के अंदेशा में जवान फायरिंग करें या फिर डमी को छूने की कोशिश करें. कई बार नक्सली डमी के नीचे बम भी लगाकर रखते हैं, लेकिन नक्सलियों के इस तरह के नापाक मंसूबों को जवान भांप चुके हैं. उन्होंने बताया कि इस तरह की डमी बनाना नक्सलियों की एक चाल है. ऐसे में जवानों को खास सतर्कता बरतनी पड़ती है. फिलहाल इस रोड पर नक्सलियों द्वारा फेंके गए सभी बैनर पोस्टर, पर्चे और डमी को भी हटा दिया गया है.
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