सारंगढ़: अब सारंगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में पाँव पसार रहा है डायरिया…! प्रतिदिन मिल रहे हैं 10 से 15 मरीज, “फर्सवानी” मे हालात बेकाबू, स्वास्थ्य अमला पर उठ रहा सवाल….
जगन्नाथ बैरागी
रायगढ़। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा है उल्टी दस्त का प्रकोप जिससे नगर के स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है इलाज वही पीएचई विभाग भी गांव गांव पहुंचकर पानी की जांच करने में जुटा हुआ है। डायरिया का प्रकोप दिनभर दिन नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही है जिससे नगर के स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती चली जा रही है इसका यही कारण है कि मानसून के आगमन के साथ लोगों द्वारा दूषित पानी सेवन करने से हो रही है और खानपन के साथ यह परेशानी हो रही है यह सिलसिला पिछले जून माह के अंतिम दिनों में शुरू हुई थी जो अभी जुलाई माह तक जारी है। क्योंकि अच्छी तरह जानते है कि डायरिया कितनी भयानक बीमारी है और कभी भी घातक सिद्ध हो सकता है मगर अभी तक ये समझ नही आ रहा है कि स्वास्थ्य विभाग अभी तक क्यो अनजान है ।या फिर नेताओ की तरह कहावत तक ही सीमित है चूंकि स्वास्थ्य विभाग ये सब कुछ जानते है कि सारंगढ़ नगर में विगत दिनों एक युवक की मौत भी हो चुकी है और पिछले पांच साल पहले पांच लोगों की मृत्यु हो चुकी है उसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग डायरिया पर काबू नहीं पा रही है जिससे अचल बटाऊपाली सुलोनी दहिदा गुन्तली, हरदी ,धन्ना, रेडा सालर,साल्हे, उधरा,गोडम, अण्डोला आदि गाव गाव मे डायरिया की शिकायत जोरो से चल रही है आये दिन स्वास्थ्य विभाग पहुंचकर मरीज इलाज करा रहे हैं यही नही अचल के गाव गाव मे रोज दर्जन लोग डायरिया के मरीज सारंगढ स्वास्थ्य केन्द्र पहूच रह है फिर भी स्वास्थ्य विभाग डायरिया जैसे घातक बीमारी को भी लेकर गंभीर नही नजर आ रहे है क्योंकि इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है वहीं नगर मे लगातार डायरिया के मरीज बढने लगे है आऐ दिन मरीज सारंगढ स्वास्थ्य केन्द्र पहूच रहे जिससे लोग काफी हद तक परेशान नजर आ रहे है ऐसे स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी को पूरी निगरानी विभाग में इलाज की जा रही है।
ग्राम फर्सवानी मे हालात बेकाबू!

सारंगढ़ से लगे ग्राम फर्सवानी की बात करें तो यहाँ डायरिया ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरु कर दिया है। लगभग प्रत्येक मोहल्ले मे उल्टी दस्त ने लोग बेहाल हैँ। हालाकी स्वास्थ्य विभाग के जयप्रकाश पटेल अपने कर्तव्य पर डटे हैँ फिर भी प्रकोप को देखते एक्सर्ट टीम की उपस्तिथि आवश्यक जान पड़ती है। सूत्रों के अनुसार 6 लोगों को गंभीर अवस्था मे रायगढ़ रेफर किया गया है।
क्या बोलते हैँ बीएमओ सिदार –
आपके माध्यम से मुझे जानकारी प्राप्त हुवी है मै ग्राम फर्सवानी हेतु तत्काल अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से जानकारी लेता हुं।
बी एल खरे (पीएचई विभाग सहायक अभियंता सारंगढ़) के अनुसार
मानसून के आगमन के साथ सभी बोरवेल ओं में जल स्रोत नीचे चला गया था और बारिश होने पर उसमें बारिश का पानी आया है जो लगभग दूसरी की है अभी कुछ दिन पूर्व हमारे द्वारा नगर के 17 से 18 बोरवेल से पानी लेकर लैब भेजा गया था साथी सारंगढ़ और रायगढ़ में इसका जांच भी किया गया है जिसमें भारी मात्रा में बैक्टीरिया पाया गया। और अभी लोगों को पानी उबालकर ही पीना चाहिए । गांव गांव में भी हमारे कर्मचारी पानियों का सैंपल लाकर चेक कर रहे हैं उस गांव में परेशानी आ रही है लेकिन अधिकतर गांव में पानी निकासी की समस्या है जिससे लोगों में डायरिया फैल रही है।
बी एल खरे (पीएचई विभाग सहायक अभियंता सारंगढ़)
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