रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं। वहीं शहरों में भी जलजमाव से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इसी बीच धमतरी में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति जलजमाव का लुत्फ लेते नजर आ रहा है।

बारिश के बीच टब को नाव बनाकर वह व्यक्ति उसे चला रहा है। इतना ही नहीं व्यक्ति यह भी कह रहा है कि आइए भइया धमतरी में मजा लीजिए गंगरेल का। गलियाें में मिल रहा गंगरेल का मजा तो कोई वहां क्यों जाए। वहां खड़े लोगों उसकी इस हरकत का वीडियो बना लिया। यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।इधर, वर्षा के मौसम में सड़कों की स्थिति खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों व सड़कों में पानी भर गया है। सड़कों की उपेक्षा से आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। जागरूक नागरिकों का कहना है कि सड़कों की मरम्मत की जानी चाहिए, ताकि लोगों को आवाजाही में किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वर्षा के पूर्व काम चलाऊ मरम्मत हुई थी, लेकिन पहली वर्षा ने ही गुणवत्ता की पोल खोल दी। कुछेक गैर जिम्मेदार लोग सड़क किनारों को पाट देते हैं, जिससे निकासी मार्ग अवरुद्ध हो जाता है।
धमतरी शहर से होकर गुजरी राष्ट्रीय राजमार्ग 30 की हालत कई स्थानों पर खराब हो चुकी है। सड़क की लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण स्थिति और खराब होती जा रही है।

बस्तर रोड में श्यामतराई से लेकर ग्राम अर्जुनी मोड़ तक लगभग आठ किलोमीटर की दूरी में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें पानी भरा हो तो लोगों को पता ही नहीं चलता कि सड़क में गड्ढे हो गए हैं। ऐसी स्थिति में जब बरसाती पानी के ऊपर से कोई दोपहिया वाहन चालक गुजरता है, तो उसका गिरना स्वभाविक है। शहर में इस तरह की घटनाएं आए दिन हो रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में काली मंदिर के सामने सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिसमें पानी भर गया है। इसी तरह अन्य स्थानों पर आधे घंटे की वर्षा में ही सड़कों में पानी जमा हो जाता है। इसे सूखने में कम से कम पांच से छह दिन का समय लगता है।

शहर के जागरूक नागरिक डुमेश ध्रुव, तामेश्वर साहू, विनय कोसरिया का कहना है कि सड़कों की बदहाल स्थिति को देखते हुए शहर के जनप्रतिनिधि इसे नजरअंदाज कर देते हैं। मरम्मत की दिशा में उन्हें ध्यान देना चाहिए।
आम जनता दे अपनी जागरूकता का परिचय
लोगों में जागरूकता की कमी भी सड़क को बिगाड़ने में काफी हद तक जिम्मेदार है। जागरूकता की कमी के कारण सड़कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई पक्की सड़क के दोनों और लगभग तीन फीट सोल्डर (पटरी) छोड़ा जाता है, ताकि बारिश का पानी सड़क से नीचे बहकर निकल जाए।
सड़क किनारे रहने वाले कुछ लोग और दुकानदार अपने स्थान के सामने का हिस्सा पाटते हुए पक्की सड़क की पटरी तक को पाट देते हैं। इससे घर से निकलने वाला पानी सीधे सड़क में जमा होने लगता है, जिसके कारण सड़क खराब होने लगती है।
शहर में इन स्थानों पर स्थिति ज्यादा खराब
राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में काली मंदिर के पास लगभग 300 मीटर की दूरी की सड़क खराब हो गई है। इसी तरह रत्नाबांधा चौक के पास सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सिहावा चौक शांति कालोनी फायर ब्रिगेड आफिस के पास हालत यह है कि सड़क का पानी आसपास की दुकानों तक पहुंचने लगा है। शोपीस नालियां पट चुकी हैं।
गोकुलपुर वार्ड में फव्वारा चौक के पास सड़क खराब है। यहां पर भी सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। दानी टोला चौक के पास भी सड़क खराब है। जिला अस्पताल के सामने व इसी तरह अन्य स्थानों पर सड़कों की हालत बद से बदतर हो चली है।
सड़क पाटने वालों पर की जाएगी कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता आरआर ध्रुव ने कहा, सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से फंड नहीं आता। पूर्व निर्धारित फंड की सहायता से ही सड़क की मरम्मत करते हैं। आने वाले दिनों में अब सड़क किनारे को पाटने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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