छत्तीसगढ़: कलयुग मे माता भी हो जाती है कुमाता! सरकारी पिता के मृत्यु के बाद निर्दयी मां ने पति का पेंशन और राशि हड़पा, लेकिन बच्चो को तरसा रही दाने – दाने के लिए, बच्चों ने SP से लगाई गुहार…

कांकेर. पापा की मौत हुई उसके बाद मम्मी हमे दादा-दादी के पास छोड़ कर चली गई. पढ़ाई के लिए फीस जमा करने, खाने पीने के लिए पैसे भी नहीं मिल रहे. यह उस मासूम बच्चे की जुबानी है जिनकी निर्दयी मां अपने दोनों मासूम बच्चों को छोड़ कर चली गई।
दरअसल, पूरा मामला कांकेर जिले के कोड़ेकुर्से क्षेत्र का है. जहां दो मासूम बच्चे अपने दादा के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे. बच्चों से हमने जानना चाहा कि आखिर ऐसी क्या वजह हो गई जो उन्हें पुलिस अधीक्षक से फरियाद लगानी पड़ रही है, तो बच्चों ने बताया कि उनके पिता पुलिस विभाग में पदस्थ थे. जिनकी मृत्यु 5 वर्ष पहले हो गई. मां ने उन्हें केवल इतना बताया कि अब तेरे पिता कभी नहीं लौटेंगे. बच्चों ने मजाक समझ लिया पर पिता वापस नहीं लौटे. मां भी दोनों बच्चो को बुजुर्ग दादा-दादी के पास छोड़ कर चली गई।वहीं पुलिस विभाग ने बच्चे को बाल सैनिक तो बना दिया, लेकिन पेंशन के रूप में मिलने वाले राशि भी मां खाते से निकाल लेती है. बुजुर्ग दादा-दादी के पास इतनी पूंजी नहीं कि वह उनका भरण पोषण कर सकें. पढ़ाई की फीस जमा करने तक के उनके पास पैसे नहीं है. खाने पीने में भी दिक्क़त हो रही है. आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण दोनो पढ़ नहीं पा रहे हैं. उन्होंने इस उम्मीद से पुलिस अधीक्षक से फरियाद लगाई है कि उन्हें वो पैसे मिल जाए, ताकि उनके पढ़ाई लिखाई में कोई दिक्क़त ना हो. वहीं पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने भी बच्चों को उचित न्याय का भरोषा दिलाया है।
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