सरकार भले ही लाख दावा कर लें कि प्रदेश के लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है, लेकिन समय-समय पर छत्तीसगढ़ की अलग-अलग इलाकों से आती तस्वीरें सबकुछ बयां कर देती है।

ऐसा ही एक मामला बलरामपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर में सामने आया है। यहां डेडबॉडी ले जाने परिजनों को शव वाहन नहीं मिला। परिजनों ने जैसे-तैसे पिकअप वाहन की व्यवस्था की। वाहन का किराया देने परिजनों ने जमीन गिरवी रखी हुई है।

मामला ग्राम पंचायत करवा का है। यहां के रहने वाले अति संरक्षित कोड़ाकू जनजाति के एक युवक को सांप ने काट लिया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डेड बॉडी को घर ले जाने के लिए परिजनों को शव वाहन नहीं मिला। परिजनों ने गांव से ही एक पिकअप वाहन मंगाया, जिसका किराया ₹2000 था और दूरी 10 किलोमीटर थी। आईबीसी 24 से बातचीत करते हुए परिजनों ने कहा कि इसका किराया चुकाने के लिए उन्हें या तो अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ेगी या फिर कुछ दिन बाद धीरे-धीरे वह इसका किराया चुकता करेंगे। वहीं डॉक्टरों ने कहा कि मृतक के परिजन डेड बॉडी ले जाने के लिए अपने सुविधा का इस्तेमाल करते हैं।
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