छत्तीसगढ़ के उद्योग विभाग में बॉयलर इंस्पेक्टर (निरीक्षक वाष्पयंत्र परीक्षा-2024) के पद पर नियुक्ति को लेकर भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास के आरोपों को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने खारिज कर दिया है।

आयोग ने मंगलवार की देर शाम एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर आरोपों को भ्रामक बताया है। आयोग ने कहा है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी ढंग से गई है। आयोग के मुताबिक नियमों के तहत चयन किया गया है।
आयोग ने स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रथम चयनित अभ्यर्थी किसी भी सदस्य के रिश्तेदार नहीं हैं और सदस्यों के नाम के साथ भ्रामक जानकारी प्रसारित कर चयन प्रक्रिया को दूषित बताने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही आयोग ने कहा कि उच्च न्यायालय में प्रस्तुत वाद से संबंधित आदेशों के अनुरूप आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बॉयलर इंस्पेक्टर पद पर कानन वर्मा की नियुक्ति को लेकर शुक्रवार को भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने राज्यपाल से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि चयनित अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा से अधिक थे और चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। श्रीवास ने यह भी आरोप लगाया था कि आयोग के तीन सदस्यों प्रवीण वर्मा, संत कुमार नेताम और सरिता उइके की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने इन सदस्यों को पद से हटाकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और एक सदस्य का चयनित अभ्यर्थी से संबंध होने की बात भी सामने आई थी।

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