छत्तीसगढ़ जिला जीपीएम के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बारीउमराव में जो मामला सामने आया है वह पूरे सरकारी तंत्र पर सवालिया निशान लगाता है दरअसल केंद्र सरकार ने गरीबों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य में अपनी महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की पर यहां प्रधानमंत्री आवास योजना भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई है । हितग्राहियों को मिलने वाला पैसा मिला ही नहीं जिसकी वजह से हितग्राहियों का आवास पूर्ण नहीं हो पाया जबकि सरकारी रिकॉर्ड में आवास पूर्ण है बता कर अंतिम किस्त भी निकाल ली गई है ऐसी स्थिति में बेचारे गांव के भोले भाले ग्रामीण करें तो कर क्या यह अपने कच्चे घरों में रहने को मजबूर है ,आश्चर्य की बात यह है कि पिछले 5 सालों से इन गरीब आदिवासियों के अधूरे आवास पर स्थानीय प्रशासन की नजर क्यों नहीं गई ? जबकि शासन के द्वारा योजना का पूर्ण पैसा दिया जा चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना आम जनता की खुशहाली के लिए लाया गया परंतु यहां ऐसा कुछ भी नहीं है।

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