जल बचाने जिले में बड़ा अभियान: 1 लाख जल संरचनाओं की एंट्री का लक्ष्य, कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश…
सारंगढ़।
जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल संगवारी अभियान की प्रगति की समीक्षा कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने शनिवार 7 मार्च 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए जिलेभर में बनाई जा रही जल संरचनाओं और सोख्ता गड्ढों की एंट्री जल शक्ति–जन भागीदारी 2.0 पोर्टल में समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इंद्रजीत बर्मन भी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, पीएचई, जल संसाधन विभाग, उद्यानिकी विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी और सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शामिल हुए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संगवारी अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना जल संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता, इसलिए ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
कलेक्टर ने सुझाव दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, गांवों में रैली, चौपाल और श्रमदान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में जहां भी पानी का निकास होता है, वहां अधिक से अधिक सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जाए ताकि वर्षा जल का संरक्षण हो सके और भू-जल स्तर में सुधार हो।
बैठक में बताया गया कि कलेक्टर डॉ. कन्नौजे के मार्गदर्शन में जिलेभर में चल रहे इस अभियान के तहत अब तक 24 हजार से अधिक सोख्ता गड्ढों एवं अन्य जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। साथ ही जल शक्ति जन भागीदारी 2.0 पोर्टल में 16 हजार से अधिक जल संरचनाओं की फोटो अपलोड की जा चुकी है।
अभियान को गति देने के लिए विभिन्न विभागों को लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं। जनपद पंचायत बरमकेला को 35 हजार, बिलाईगढ़ को 20 हजार और सारंगढ़ को 20 हजार जल संरचनाओं की एंट्री का लक्ष्य दिया गया है। इस प्रकार कुल 75 हजार सोख्ता गड्ढों और अन्य संरचनाओं को पोर्टल में दर्ज करने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके अलावा वन विभाग को 30 हजार, शिक्षा विभाग को 3 हजार और जिले के सभी नगरीय निकायों को 10 हजार जल संरचनाओं की एंट्री करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में कृषि विभाग को भी विशेष निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसानों को धान के स्थान पर दलहनी, तिलहनी और मोटे अनाज जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे पानी की बचत होगी और कृषि क्षेत्र में भी जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि जल संगवारी अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला अभियान है। यदि सभी विभाग और आम नागरिक मिलकर प्रयास करें, तो जिले में जल संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
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