पेंशनरों की मृत्यु के बाद उनके खाते से पेंशन की राशि निकालने पर शासन ने रोक लगा दी है। इसके बावजूद राशि निकालने पर जिलाधिकारी वसूली करेंगे। इस संबंध में पेंशनधारक व नॉमिनी से प्राधिकार पत्र के साथ अंडरटेकिंग भी ली जाएगी।

शासन ने पेंशन प्राधिकार पत्र में संशोधन किया है। इस संबंध में पेंशन निदेशालय को शासनादेश जारी किया गया है। कोषागार से पेंशन लेने वाले पेंशनर व पारिवारिक पेंशनर साल में एक बार जीवित प्रमाणपत्र दाखिल करते हैं। इस प्रमाणपत्र की वैधता के बीच पेंशनर की मृत्यु हो जाती है और इसकी सूचना कोषागार को नहीं दी जाती तो जीवित प्रमाणपत्र की वैधता अवधि तक उनके खाते में पेंशन जाती रहती है। पेंशन का अधिक भुगतान हो जाता है।
शासनादेश का मुताबिक पेंशनरों के परिजनों की जिम्मेदारी होगी कि वे पेंशनर की मृत्यु की सूचना तत्काल कोषागार को दें। मृत्यु की सूचना समय पर न देने की स्थिति पर खाते से रकम न निकालने के निर्देश दिए गए हैं। परिजन द्वारा ज्यादा पेंशन निकालने की स्थिति में उनका फर्ज होगा कि ज्यादा ली गई राशि का समायोजन कराएं। ऐसा न करने पर कोषागार को अधिकार होगा कि अधिक ली गई राशि की वसूली संबंधित जिले के डीएम के माध्यम से राजस्व वसूली की तरह की जाएगी।
- सारंगढ़:भाजपा ने किया प्रबुद्ध एवं वरिष्ठजनों का सम्मान, मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं… - June 19, 2026
- सारंगढ़:वैज्ञानिक जांच से अपराधियों पर शिकंजा, पुलिस को मिला हाईटेक प्रशिक्षण… - June 19, 2026
- तंबाकू मुक्त जिले की ओर बड़ा कदम, सभी सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में चलेगा विशेष अभियान… - June 19, 2026

