अंबिकापुर। एक तरफ सरकार द्वारा टीबी मुक्त जिला व राज्य बनाने के लिए अभियान चलाया जा रही है। वहीं दूसरी तरफ टीबी के मरीजों को दवाइयां न मिलने के कारण टीबी के मरीजों की न सिर्फ संख्या बढ़ रही है, बल्कि उन्हें परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि टीबी उन्मूलन में लगे अधिकारी दवाइयां न सिर्फ उपलब्ध कराने की बात कह रहे हैं। बल्कि लगातार मरीजों की पहचान कर उनके इलाज का दावा भी कर रहे हैं।

दरसअल, छत्तीसगढ़ के सरगुजा में टीबी के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहीं हैं। वहीं दूसरी ओर टीबी के मरीजों को छः माह तक मिलने वाली टीबी की दवाइयां भी शोर्टेज होने के कारण मरीजों को पूरा डोज नहीं मिल पा रहीं है। आपको बता दें कि सरगुजा जिले में वर्तमान में टीबी के कुल 700 मरीजों का ईलाज जारी है।
TB Patients in Surguja CG सरगुजा के जिला क्षय उन्मूलन केंद्र प्रभारी डॉक्टर शैलेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि सरगुजा को टीवी मुक्त बनाने के लिए लगातार जिले में अनेकों अभियान चलाकर टीबी के मरीजों की पहचान की जा रहीं है और उनका ट्रीटमेंट किया जा रहा है।
वहीं उन्होंने यह भी बताया कि अभी बीच में टीबी की दवाइयां की काफी शोर्टेज होने के कारण टीबी के मरीजों को छः महीने तक दी जाने वाली पूरी डोज की दवाईयां नहीं दी जा रहीं थी। क्योंकि सरगुजा सहित पूरे प्रदेश में टीबी की दवाइयों की शोर्टेज थी।
वहीं टीबी की दवाइयों की खेप अब आने लगी है जिससे मरीजों को दवाइयां मुहैया कराने के लिए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होगी। अब देखना होगा कि आखिर कब तक टीबी के मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध हो पाती हैं।
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