एक बार फिर डायरिया का मरीज झोलाछाप के इलाज का शिकार हो गया। कोटा के भैंसाझार अंतर्गत ग्राम बांसाझाल में रहने वाले 36 वर्षीय डायरिया पीड़ित बैगा युवक की मौत हो गई।

वहीं शुक्रवार को रतनपुर क्षेत्र में डायरिया के 21 नए मरीज मिले हैं। अब तक रतनपुर व जिले के सभी क्षेत्रों को मिलाकर डायरिया के 600 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। डायरिया को लेकर रतनपुर शहरी क्षेत्र अति संवेदनशील बना हुआ है। यहां रोजाना मरीज मिलने का सिलसिला जारी है।

कोटा क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप बना हुआ है। इसी के साथ क्षेत्र में डायरिया के मरीज भी मिल जा रहे हैं। वहीं ग्राम भैंसाझार क्षेत्र के बांसाझाल निवासी नयन झरोखा पिता मंगलू झरोखा पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहा था। उसे उल्टी, दस्त हो रही थी।
इस पर वे क्षेत्र में रहने वाले एक झोलाछाप से इलाज करवाने गया। तब झोलाछाप ने इंजेक्शन लगाने के साथ दवा देकर ठीक हो जाने की बात कही। लेकिन उसकी हालत धीरे-धीरे और बिगड़ती गई। ऐसे में उसे कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। इधर रतनपुर में डायरिया के 21 नए मरीज मिले हैं। साफ है कि तमाम कोशिश के बाद भी कोटा में फैले मलेरिया के साथ रतनपुर में फैले डायरिया को खत्म नहीं किया जा सक रहा है और लगातार मरीज मिलने का सिलसिला जारी है।
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