अक्सर कहा जाता है कि तकनीक का अधिक इस्तेमाल बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इसका उपयोग कम से कम करना चाहिए लेकिन तकनीक का इस्तेमाल कर एक बच्ची ने दो जानों को मुश्किलों से बाहर निकाला है।

उत्तर प्रदेश के बस्ती में बच्ची ने तकनीक का ऐसा इस्तेमाल किया कि उसकी और एक मासूम बच्ची की जान बच गई। मामला बस्ती शहर के आवास विकास कॉलोनी का है।
13 साल की निकिता आवास विकास काॅलोनी में अपनी बहन के घर पहुंची थी। वह घर की पहली मंजिल पर बने किचन में 15 महीने की भांजी वामिका के साथ खेल रही थी। घर के बाकी लोग दूसरे कमरों में थे। इस दौरान एक बंदर घर के अंदर घुस गया और किचन में उत्पात मचाने लगा। इससे निकिता काफी सहम गई और 15 महीने की वामिका रोने लगी।
निकिता ने बताया कि दोनों को रोता देख बंदर उनकी तरफ कई बार दौड़ा लेकिन नितिका की नजर फ्रिज पर रखे एलेक्सा डिवाइस पर पड़ी। नितिका ने एलेक्सा डिवाइस को कुत्ते की आवाज निकालने का कमांड दिया। वायस कमांड पाते ही एलेक्सा ने कुत्ते की तरह आवाज निकालना शुरू कर दिया। भौंकने की आवाज सुनकर बंदर बालकनी से होता हुआ छत की तरफ भाग गया।
वहीं निकिता की जमकर तारीफ हो रही है और तकनीक के सही इस्तेमाल पर भी चर्चा हो रही है। परिवार के मुखिया पंकज ओझा बताते हैं कि एलेक्सा का इतना बेहतर इस्तेमाल भी हो सकता है, इसके बारे में कभी सोचा भी नहीं था। पंकज ने कहा कि हम एलेक्सा का इस्तेमाल कई कामों में करते हैं, जैसे गाना सुनना, अलार्म सेट करना, लाइट ऑफ और ऑन करना।
हालांकि ये कोई पहला मौका नहीं जब एलेक्सा को लेकर चर्चा हो रही है। इससे पहले एलेक्सा के जरिए निजता, गोपनीयता भंग होने की आशंका जाहिर की जा चुकी है। कुछ समस्या पहले एलेक्सा की तरफ से एक बच्चे को जानलेवा चैलेंज दिया गया था। इसके बाद इस डिवाइस के इस्तेमाल पर बहस होने लगी थी। हालांकि अब इस डिवाइस के सकारात्मक इस्तेमाल के बाद इसकी खूब चर्चा हो रही है ।

