छत्तीसगढ़:सुमाभाटा में गूंज रहा गिद्धों और कुत्तों का शोर, बड़े आयोजन के बाद बचे भोजन को वहीं फेंक दिया गया, उसे खाकर 50 से ज्यादा गायों की मौत, सौ से ज्यादा बीमार…
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सुमाभाटा मैदान आज गिद्धों और कुत्तों के शोर से गूंज रहा है। यहां जिधर नजर जा रही है उधर या तो गायें मरी पड़ी दिख रही हैं या बीमार हालत में दिखाई दे रही हैं।
कहीं-कहीं पशु चिकित्सक बीमार गायों को इंजेक्शन लगाते भी दिख रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 50 से ज्यादा गायों की मौत हो चुकी है और सौ से भी ज्यादा बीमार हैं।

दरअसल ऐसी स्थिति बनी है, यहां 28 सितंबर को आयोजित कृषक सह श्रमिक सम्मेलन के बाद। बताया जा रहा है कि इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में दूर-दूर से लोग पहुंचे थे। उनके लिए भोजन का भी इंतजाम यहां किया गया था। लेकिन भोजन का वितरण या तो ठीक से हुआ नहीं, या फिर ज्यादा मात्रा में बनने की वजह से भारी मात्रा में बच गया। जिसे जिम्मेदार कर्मचारियों ने मैदान में ही फेंक दिया। अब दो दिन बाद जब वहां से पंडाल पूरी तरह से हट गया तो पास के गांवों की गायें वहां चरने पहुंची। इन गायों ने तीन दिन पुराने खाने को खा लिया और एक-एक कर मरने लगीं। जब तक ग्रामीणों ते यह बात पहुंची, तब तक सैकड़ों की संख्या में गायें फेंके हुए सड़े भोजन को खा चुकी थीं।
पशु चिकित्सकों की टीम पहुंची
ग्रामीणों ने जैसे ही इस बात से प्रशासन को अवगत कराया, जिला मुख्यालय से पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच गई है। यह टीम मैदान में बीमार दिख रही गायों का उपचार कर रही है वहीं घरों घर जाकर भी पशुओं का उपचार करने की कोशिश चल रही है। इस बड़ी प्रशासनिक लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
तरेंगा, सुमा और देवरी गांव के मवेशी मर रहे
बताया जा रहा है कि, आस-पास के गांव तरेंगा, सुमा और देवरी के 50 से अधिक मवेशियों की मौत हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों और भाजपाइयों ने जामकर विरोध प्रदर्शन किया और तरेंगा में चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तरेंगा गांव के अलग-अलग जगहों पर मृत मवेशी पड़े हुए हैं। यह देखकर ग्रामीणों में जिला प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्याप्त है। वहीं देखने को यह भी मिला की सड़क हो या खेत हर जगह मवेशी मृत अवस्था में पड़े हुए हैं।
ग्रामीणों और भाजपाइयों ने कर दिया चक्काजाम
इधर चक्का जाम होने के बाद पशु चिकित्सा विभाग के जिला अधिकारी एसपी सिंह, जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम नरेंद्र बंजारा और पुलिस बल मौके पर पहुंच चुकी है। मैदान में बीमार पड़े मवेशियों की हालत गंभीर दिख रही है, जिन्हे पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने इंजेक्शन लगाया है। वहीं दूसरी तरफ भाटापारा के एसडीएम नरेंद्र बंजारा और जिला पशु अधिकारी एसपी सिंह मीडिया से बचते और भागते नजर आए।
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