रायगढ़: एक ऐसा थानेदार जिनसे आम नागरिक बेझिझक होते हैं रूबरू..लेकिन बड़े से बड़े अपराधियों के डर से फूलते हैं हाथ-पांव…पढ़िए खास मुलाकात, कानून के सिपाही के साथ…
जगन्नाथ बैरागी
रायगढ़। पुलिस का काम एक बहुत ही दिलचस्प पेशा है और हमारे भारतीय सिनेमा में हमारे हीरों या नायक ने फिल्मों में पुलिस की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य किया है। पुलिस हमारी सुरक्षा को सुनिश्चित करती है, और हमारे लिए दिन-रात काम करती रहती है। हमारे सामाज के लोगों को जैसे इलाज के लिए डॉक्टर की जरुरत होती है, इमारतों के निर्माण के लिए एक इंजीनियर की जरुरत होती है, उसी तरह अपने आस-पास के इलाकों में शांति और सौहार्द के बनाए रखने के लिए एक पुलिस की आवश्यकता होती है। हमारे सामाज में विभिन्न तरह के लोग एक साथ रहते है और एक साथ रहना भी उनके लिए आपसी संघर्ष को भी बढ़ा सकता है। इसलिए समाज में शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के अपराध की घटना को रोकने के लिए ही हमारी पुलिस दिन-रात कार्य करती है। कुछ ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी हैं “सरिया थाना प्रभारी विवेक पाटले”…
थाना कोई भी हो थानेदार विवेक पाटले का अंदाज नही बदलता-
कहा जाता है शेर का कोई इलाका नही होता वो जिस जगह जाता है वहीं राज करता है। कुछ इसी अंदाज में मुजरिमों/अपराधीयों के लिए कहर बनकट टूटते हैं “विवेक पाटले”। चाहे वो रायगढ़ हो, छाल या वर्तमान सरिया थाना .विवेक पाटले का वही अंदाज कायम है। वर्तमान सरिया थाने में पदस्त विवेक पाटले के पदभार संभालते ही शराब और गांजा तस्करों को दिन में तारे दिखने शुरू हो गये है। आते ही ताबड़तोड़ कार्यवाही से गुनहगारों के हौसले पस्त जान पड़े हैं।

शांति व्यवस्था कायम कर अपराध मुक्त समाज ही मेरा लक्ष्य- विवेक पाटले
जब आज छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस /रायगढ़ टाईम्स की टीम ने थानेदार विवेक पाटले से मुलाकात की तो आत्मिक चर्चा के दौरान विवेक पाटले ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य परिक्षेत्र में शांति बहाली के साथ समाज को अपराध मुक्त करना है। सरिया क्षेत्र में एक ऐसी पुलिस की छवि कायम करने का सपना है जहाँ एक आम आदमी भी पुलिस को अपना परिवार माने और बड़े से बड़े अपराधी भी कानून के नाम से ख़ौफ़ खाये। विवेक पाटले ने आगे बताया कि पुलिस कप्तान अभिषेक मीना के मार्गदर्शन में अपना सर्वोक्ष योगदान देने की कोशिश रहेगी।
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