रायगढ़। ईंट भट्ठे में काम करने के दौरान दो बच्चों की मां का दिल शादीशुदा मजदूर पर इस कदर आया कि घरवापसी के बाद दोनों अपने परिवार को छोडक़र भाग निकले। ओडिशा के जंगल में जहर पीने पर दोनों को बरमकेला से मेकाहारा रेफर किया गया तो महिला की मौत हो गई। वहीं, दो बेटियों के बाप की हालत गंभीर है। अजब प्रेम की इस गजब कहानी की पुलिसपड़ताल में जुटी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवक कंठीपाली और महिला आमभौना की बताई जा रही है।
बताया जाता है कि 6 से 8 माह पहले अकुर अपनी पत्नी सुमित्रा और बेटे-बेटी को लेकर कमाने खाने के लिए हैदराबाद जाकर जिस ईंट भट्ठे में मजदूरी करता था, वहां सुभाष भी अपनी बीवी और दो बेटी के साथ काम करता था। पति के साथ मजदूरी करने जाने वाली सुमित्रा का ईंट भट्ठे में सुभाष से आंख मिलते ही प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। बीते महीने दोनों परिवार की हैदराबाद से घर वापसी हो गई, लेकिन वे मोबाइल फोन से अक्सर बातें करते थे। विवाहित प्रेमी युगल ने एक साथ जिंदगी बिताने के लिए परिजनों को भी छोडऩे का फैसला कर लिया।
15 रोज पहले सुभाष घर से यह कहते हुए निकला कि वह रिश्तेदारी में जा रहा है तो सुमित्रा भी अपने पति और दो मासूम बच्चों को छोडक़र नौ दो ग्यारह हो गई। परिजनों की नजरों से छिपते-छिपाते प्रेमी जोड़े को जब एहसास हुआ कि उनको एक दूजे से जुदा कर दिया जाएगा तो साथ जीने-मरने की कसमें खाते हुए उन्होंने सरिया-बरमकेला से लगे ओडिशा के जयपुर घाटी जंगल में कीटनाशक दवा सेवन कर लिया। जहर पीने के बाद सुभाष ने फोन कर अपने छोटे भाई को सुमित्रा के साथ विषपान की सूचना देते हुए अपना लोकेशन भी बताया।
वहीं, बदहवास युवक अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा तो अपने बड़े भाई सुभाष के साथ सुमित्रा को भी अचेत होते पाया। तदुपरांत, दोनों को नजदीकी बरमकेला के अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज कर उनको रायगढ़ रेफर कर दिया। ऐसे में दोनों को मेकाहारा ले जाया गया, जहां विषबाधित सुमित्रा की जान चली गई तो सुभाष की दशा चिंताजनक है। फिलहाल, चक्रधर नगर पुलिस मर्ग कायम करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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