बगहा: बिहार के बगहा के आदिवासी बहुल इलाका गोबरहिया दोन में एक सरकारी विद्यालय के प्रिंसिपल को स्कूल की ही रसोइया के साथ ग्रामीणों ने आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया. इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पहले पूरे गांव में प्रधानाचार्य को घुमाया और फिर खम्भे में बांध कर उससे पूरी सच्चाई उगलवाई. साथ ही इसके बाद पंचायत बैठकर शिक्षक पर भारी जुर्माना भी लगाया गया. प्रिंसिपल द्वारा माफी मांगने का वीडियो वायरल हो रहा है. यह वायरल वीडियो 13 सितंबर को है. 12 सितंबर को प्रिंसिपल को ग्रामीणों ने पकड़ा था.

आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए प्रिंसिपल :
राजकीय मध्य विद्यालय गोबरहिया दोन के प्रधानाध्यापक का पंचायत में माफी मांगते और खंभे से बंधा हुआ वीडियो वायरल हो रहा है. बताया जाता है कि 12 सितंबर की रात्रि विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपने ही स्कूल की रसोइया के साथ आपत्तिजनक हालत में कमरे में पाए गए थे. जिसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें बाहर आने को कहा लेकिन प्रधानाचार्य जब नहीं आये तो युवकों ने वहीं कमरे के बाहर धरना दे दिया.
खंभे से बांधकर मंगवाया गया माफी:
13 सितंबर की सुबह जब प्रधानाध्यापक अजित कुमार सोनी दरवाजा खोलकर बाहर आये तो उनके साथ रसोइया भी थी. जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी प्रधानाध्यापक को पकड़ लिया और उनको पूरे गांव में घुमाया गया. फिर ग्रामीणों ने उन्हें खम्भे से बांधकर सारी सच्चाई उगलवाई. साथ ही सच्चाई जानने के बाद गुमास्ता कृष्णमोहन महतो के नेतृत्व में पंचायत बैठाई गई. पंचायत में शिक्षक ने अपने जुर्म को कबूल कर लिया.
“मेरे बाल बच्चे हैं. मैंने गलती की है. मुझे माफ कर दीजिए.”- अजित कुमार सोनी, प्रधानाध्यापक, राजकीय मध्य विद्यालय गोबरहिया दोन
“राजकीय मध्य विद्यालय गोबरहिया दोन का प्रधानाध्यापक अजित कुमार सोनी तीन साल से रसोइया से खाना बनवा रहे थे. दोनों के बीच अवैध संबंध था. दोनों को रंगे हाथ पकड़ा गया. 12 सितंबर को दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया. प्रिंसिपल ने दरवाजा बंद कर लोगों को गालियां देना शुरू कर दिया. ग्रामीण रात भर दरवाजे पर रहे. अगले दिन सुबह प्रिंसिपल जब कमरे से बाहर आए तो उन्हें पकड़ा गया. थारू जाति की प्रतिष्ठा बनी रहे ऐसी कार्रवाई की जाए.”- कृष्णमोहन महतो, गुमास्ता
पंचायत ने प्रिंसिपल पर लगाया जुर्माना:
बताया जाता है कि ग्रामीणों को पहले से ही इन दोनों के रिश्ते को लेकर शक था. लिहाजा ग्रामीण नजर बनाए हुए थे. इसी बीच मामले का पर्दाफाश हो गया. पंचायत के वायरल वीडियो में यह साफ सुना जा सकता है कि आदिवासी समुदाय के थारू बिरादरी की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है. ऐसे में सूत्रों के मुताबिक यह बात सामने आई है कि आदिवासियों द्वारा पंचायत में फरमान सुनाकर प्रधानाध्यक से 2 लाख 50 हजार रुपया लिया गया. तब जाकर मामला शांत हुआ.
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