रायगढ़। यूं तो राज्य शासन ने गरीब व असहाय बच्चों के लिए लाखों योजनाएं बनाई हैं। जिनमें उनके शिक्षा से लेकर भविष्य तक गढ़ने की क्षमता है लेकिन शहर में ऐसे कई बच्चे हैं, जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर कलमकिताब पकड़ने की उम्र में वो परिश्रम करते नजर आते हैं।इस तस्वीर ने शासन की योजनाओं की पोल खोल कर रख दी है। बेटी-बचाओ, बेटीपढ़ाओ जिले की एक मासूम बेटी अपने मासूम भाई के साथ पिता का सहारा बन कर रिक्शा ढकेल रही है। यह तस्वीर रामपुर कचरा डंपिंग यार्ड की है। पूछने पर पता चला कि तीनों कचरे में कबाड़ है चुन न कर उसे एकत्रित कर रहे हैं| जिन्हें बेचने पर उनके घर में चूल्हा जलेगा।

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