जगन्नाथ बैरागी
रायगढ़। कहते हैं जब घर की महिलाएं अपने ही बाल बच्चों तथा अपने पति की खिलाफत करने लगे और एकजुट होकर थाने तक पहुचने लगे तो मामला कितना गम्भीर हो सकता है। ऐसा एक ही मामला रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र गेरसा से आ रही है। जिसमे आदिवासी बाहुल्य विकासखण्ड क्षेत्र धरमजयगढ़ थानाक्षेत्र के गेरसा ग्राम पंचायत की महिलाएं 28 जून को धरमजयगढ़ थाना पहुचीं और शराबबंदी के मांग को लेकर थाना प्रभारी अंजना केरकेट्टा को ज्ञापन सौंपा, इस मामले में थाना पहुचीं महिलाओं ने बताया कि, उनके गांव में युवा बच्चे और बुजुर्ग शराब के आदि होते जा रहे हैं। तथा महिलाओं और परिवार के लोगों से गाली गलौज तथा मारपीट करना आम बात हो गई हैं। हालात तो ऐसे हो गया है कि घर के पुरूष और अपनी जवानी में कदम रख रहे बच्चे दिन रात शराब के नशे में चूर देखे जा रहे हैं।महिलाओं ने बताया कि अगर स्थानीय पुलिस उनके दिए ज्ञापन पर कोई ठोस कदम नही उठाती है तो।महिलाएं आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। बता दे की इससे पूर्व भी धरमजयगढ़ जनपद के कई गांवों में शराबबंदी को लेकर महिलाएं थाने तक पहुच चुकी है। लेकिन अभी तक शराब बंदी के लिए कोई ठोस कदम स्थनीय प्रशासन नहीं उठाई है। महिलाओं बताए कि गेरसा गांव में बहुत अधिक कच्ची शराब बनते है जिससे गांव की बच्चे शराब के आदि हो रहे हैं। वहीं महिलाओं का कहना है कि अगर शराब पर पुलिस प्रशासन पाबंदी नहीं लगाते हैं तो महिलाएं उग्र आंदोलन करेंगी, अब देखना है कि स्थनीय प्रशासन इन महिलाओं की परेशानी को कैसे दूर करते हैं।

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