जगन्नाथ बैरागी

कोसीर। सावन के पहली बारिश से ही पत्रकार नीलकमल वैष्णव के आंगन से लेकर घरों के कमरों तक पहुंचा पानी, कमरों के अंदर में 8 इंच तक पहुंचा पानी,
सडक किनारे घर होने और पानी निकासी ना होने से बरसात का पानी आंगन से घर के भीतर तक हर साल पहुँच जाता है, सडक से 4 फिट निचे होने के कारण पानी निकासी में होती है दिक्कत, जिसके कारण पानी निकालने वाला जनरेटर बैलेट (किसानों द्वारा खेतों में पानी ले जाने वाला) लगा कर निकाला जाता है पानी।
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