रायगढ़, । शहर की एक और बेटी दहेज की बलि चढ़ गई। मृतिका कोई और नहीं, बल्कि एएसआई की लाड़ली है। दहेज में बुलेट नहीं मिलने पर 4 साल पहले दूल्हे और उसके परिजनों ने विदाई की बेला में खूब बवाल किया था। मृतिका का पति पुलिस विभाग में आरक्षक है तो डेढ़ सास दुर्ग में निरीक्षक हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी ने खुदकुशी नहीं की बल्कि हत्या कर लाश को लटकाया गया था। यही वजह है कि निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दुखी बाबुल दो साल से अपने ही विभाग का चक्कर लगाने मजबूर है। रायगढ़ स्थित चक्रधर नगर में सहायक उपनिरीक्षक के रूप में सेवारत प्रकाश नारायण पांडेय की बेटी खुशबू की शादी कवर्धा के आरक्षक प्रवीण मिश्रा के संग विगत 6 जुलाई 2018 को हुई। विदाई के दौरान दहेज में मिले अपाचे बाईक को देख दूल्हे ने जमकर हंगामा किया, क्योंकि वह बुलेट की मांग कर रहा था।

दूल्हे के साथ उसकी मां और भाईयों ने भी खूब दबंगई दिखाते हुए दहेज सामानों में तोड़फोड़ किया । बाबुल पीएन पांडेय ने हाथ जोड़ते हुए शांत कराया, तब कहीं जाकर खुशबू मायके से रुखसत होकर ससुराल पहुंची । वहां भी खुशबू को ससुराल पक्ष के लोग ताना देते हुए मारपीट भी करते। एएसआई का आरोप है कि खुशबू की डेढ़ सास श्रद्धा पाठक अपनी खाकी वर्दी का रौब दिखाते हुए गाली-धमकी देते हुए हिंसक झड़प तक करती। वहीं, 1 दिसंबर 2019 को खुशबू ने बेटी को जन्म दिया तो दहेज में कम सामान लाने के बाद बिटिया पैदा करने का कटाक्ष करते हुए दहेज लोभियों ने अपनी गृहलक्ष्मी को खदेड़ दिया तो मायके पक्ष ने जाकर उनको किसी तरह समझाया। वहीं, 2 जुलाई को खुशबू का गला दबाते हुए मारपीट की घटना हुई। ऐसे में मां-बाप फिर खुशबू और उसकी बेटी को मायके ले आए।

6-7 महीने तक पीहर में अपनी मासूम बेटी के साथ रहने वाली खुशबू के ससुराल जनों ने उसकी खैरियत तक नहीं पूछा। पांडेय परिवार का यह भी आरोप है कि 6 महीने के बाद दुर्ग थाने की निरीक्षक श्रद्धा पाठक ने धमकाया कि खुशबू को मायके में ही रखे रहो। प्रवीण उसे तलाक देकर दूजा ब्याह रचायेगा। ऐसे में खुशबू के साथ घबराए मायकेजन गए और हाथ जोड़ते हुए ऐसा अन्याय न करने का निवेदन किया तो प्रवीण ने अपने सास-ससुर को खूब भला बुरा कहते हुए दहेज की बाईक को पटक दिया। प्रवीण ने यह भी चेतावनी दी कि तत्काल बुलेट दो या खुशबू के बुरे अंजाम के लिए तैयार रहो। इस बीच 14 जून 2022 को खुशबू ने अपने भाई को फोनकर बताया कि आज उसका गला दबाकर उसे मार दिया जाएगा। कुछ देर में प्रवीण ने भी ससुराल में फोनकर धमकाया की खुशबू को ले जाओ, नहीं तो उसे मार दिया जाएगा।
तदुपरांत, सहमें पांडेय परिवार को कुछ देर बाद प्रवीण ने फोन करते हुए कहा कि खुशबू ने आत्महत्या कर ली है। बदहवास पांडेय परिवार कवर्धा गया तो खुशबू की लाश फांसी के फंदे पर लटकते मिली। कमरे के दरवाजे को खुले देख मायकेजनों का दावा है कि उनकी बेटी ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उसका कत्ल किया गया है। यही वजह है कि दिवंगत खुशबू की दो बरस की मासूम बेटी को अपने पास रखने वाले पांडेय परिवार ने न्याय के लिए कई अधिकारियों को शिकायत पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब एएसआई पीएन पांडेय ने कवर्धा एसपी लाल उमेद सिंह को आवेदन देते हुए खुशबू के आरक्षक पति प्रवीण मिश्रा, सास उर्वशी मिश्रा, ससुर अनंत राम मिश्रा, डेढ़ सास श्रद्धा पाठक, प्रतिभा तिवारी और देवर विमल मिश्रा के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए खुशबू की कथित आत्महत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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