मजदूरों के अधिकार सीमित मनरेगा बचाओ बिनोद
सारंगढ़ । जिपं सदस्य बिनोद भारद्वाज ने बताया कि – भा ज पा सरकार वी बी जी राम जी लाकर मजदूरों को प्राप्त अधिकारों को सीमित कर दी है । इसके खिलाफ पूरे देश में कांग्रेस मनरेगा बचाओ संग्राम चला रही है । मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है, यह महात्मा गांधी के आदर्श पर कुठारा घाट है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है, मोदी सरकार ने सुधार के नाम पर झांसा देकर लोक सभा में यह बील पास करके दुनिया के सबसे बड़ी रोजगार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया है। यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और सबसे गरीब भारतीयों के काम का अधिकार छीनने की जान बूझकर की गई कोशिश है।मनरेगा संविधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाली अधिकारों पर आधारित गारंटी थी , नया फ्रेमवर्क ने इसे एक कंडीशनल केंद्र द्वारा कंट्रोल की जाने वाली स्कीम में बदल दिया है । मनरेगा के तहत सरकारी ऑर्डर से कभी काम नहीं रोका गया ।नया सिस्टम हर साल तय टाइम के लिए जबर्दस्ती रोजगार बंद करने की इजाजत देता है । जिससे राज्य यह तय कर सकेगा कि – गरीब कब कमा सकते हैं और कब उन्हें भूखा रहना होगा ।
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