छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस बार ठगों ने एक रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर को अपना निशाना बनाया और करीब सवा करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए.

हालांकि, पुलिस ने शिकायत मिलते ही ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा होल्ड करा लिया है.
10 दिनों तक मौत के साये में रहे डॉक्टर
जानकारी के अनुसार, विधानसभा थाना क्षेत्र के रहने वाले रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर स्वप्न कुमार सैन को साइबर ठगों ने निशाना बनाया. ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डॉक्टर को डराया और उन्हें 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा. इस दौरान डॉक्टर को डराया गया कि वे किसी कानूनी मुसीबत में फंस सकते हैं और उन्हें कैमरे के सामने ही रहने को मजबूर किया गया.
सवा करोड़ की मांग, 73 लाख की हुई ठगी
ठगों ने डरा-धमकाकर डॉक्टर से सवा करोड़ रुपये की मांग की थी. घबराहट में डॉक्टर ने अलग-अलग किश्तों में उनके बताए खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया. ठग अब तक 73 लाख रुपये हड़प चुके थे. जब डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस में की.
शिकायत मिलते ही रायपुर की विधानसभा थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम एक्टिव हुई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के बैंक खातों को ट्रैक किया और ठगी गई रकम में से 55 लाख रुपये होल्ड करवा दिए.
विधानसभा थाने में मामला दर्ज
पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी संस्था (CBI, पुलिस या ED) वीडियो कॉल के जरिए किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती है. ऐसे किसी भी कॉल आने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें.
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