छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नागरिक आपूर्ति निगम के वेयरहाउस से भेजे गए करीब 1,000 क्विंटल चावल में गंभीर गुणवत्ता दोष सामने आए। यह चावल जैसे ही राशन दुकानों के जरिए उपभोक्ताओं को बांटा जाने लगा, लोगों ने इसकी स्थिति देखकर लेने से साफ मना कर दिया।

उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी, दुकानदारों ने दी शिकायत

राशन दुकानदारों ने उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद तुरंत खाद्य विभाग को सूचना दी। विभाग ने प्राथमिक जांच में पाया कि चावल में फफूंद लगी हुई है और वह बिल्कुल अविकसित एवं खाने योग्य नहीं है। इस पुष्टि के बाद नागरिक आपूर्ति निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस चावल को वापस मंगवाने की प्रक्रिया शुरू की।
क्वालिटी निरीक्षण में चूक
नियमों के अनुसार, वेयरहाउस में चावल भेजने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच क्वालिटी कंट्रोलर द्वारा की जानी चाहिए। लेकिन इस मामले में सवाल उठ रहे हैं कि जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई, जिससे घटिया चावल राशन दुकानों तक पहुंच गया।
जांच टीम सक्रिय, सैकड़ों क्विंटल चावल निकला खराब
खाद्य नियंत्रक के आदेश पर सहायक खाद्य नियंत्रक दिव्या गौतम के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने विभिन्न राशन दुकानों में जाकर चावल की गुणवत्ता की जांच की और 500 क्विंटल से अधिक चावल को फफूंदयुक्त और अनुपयोगी पाया। इसकी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर हरीश एस को सौंप दी गई है।
वेयरहाउस में बारिश से बिगड़ा स्टॉक
इस पूरे घटनाक्रम पर निगम के जिला प्रबंधक मक्कड़ ने सफाई दी कि चावल की गुणवत्ता मूलतः खराब नहीं थी, लेकिन बारिश के दौरान गोदाम में कवर नहीं होने की वजह से कुछ पैकेटों में नमी आ गई और फफूंद लग गई। उन्होंने कहा कि संबंधित स्टॉक को वापस मंगवा लिया गया है और कलेक्टर को पूरी जानकारी दे दी गई है।
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