छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बुजुर्गों की सेवा और देखरेख का दावा करने वाली एक एनजीओ पर गंभीर आरोप लगे हैं.

आरोप है कि नकटी सेमरा स्थित आशा वृद्ध आश्रम ने बुजुर्गों को न केवल नजरअंदाज किया, बल्कि भारी बारिश के बीच उन्हें आश्रम से बाहर कर दिया. स्थानीय युवाओं ने इनमें से एक बुजुर्ग को ढूंढकर सुरक्षित जगह दिलाई है, लेकिन तीन अब भी लापता हैं.

क्या है पूरा मामला?
पीड़ित बुजुर्ग का कहना है कि उन्होंने गुणवत्ताहीन भोजन को लेकर शिकायत की थी और इसी कारण उन्हें आश्रम से निकाल दिया गया. इस घटना से आक्रोशित शहर के युवाओं ने न केवल बुजुर्ग की मदद की, बल्कि थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई. युवाओं का कहना है कि इस आश्रम की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों पर आरोप
समाज कल्याण विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. विभाग से मिलने वाले खर्च और संस्था की वास्तविक कार्यप्रणाली की जांच बेहद जरूरी है. आरोप है कि अधिकारी एनजीओ का पक्ष लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. बुजुर्गों के अपमान का यह मामला समाज के लिए शर्मनाक है. जरूरत है कि सेवा के नाम पर चल रही ऐसी संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई हो और इन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए.
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