सरसींवा क्षेत्र से आयुष्मान भारत योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा का आरोप…एजेंट पर धोखाधड़ी और पत्रकारों को धमकी देने का आरोप..

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हेमंत पटेल की रिपोर्ट

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सरसींवा (सारंगढ़-बिलाईगढ़) :- आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने के नाम पर गरीब मरीजों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सरसींवा क्षेत्र के ग्राम लाखुरिदिह, ग्राम पंचायत कोसमकुंडा निवासी लाकेश्वर जांगड़े (एजेंट) ने मरीजों को रायपुर के MGM हॉस्पिटल ले जाने की बात कही, लेकिन मौके पर उन्हें Shree Medishine हॉस्पिटल रायपुर में भर्ती करा दिया गया। पीड़ित मरीजों ने बताया कि करीब 10 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ उन्हें केवल रूटीन जांच और ब्लड शुगर-बीपी चेकअप के नाम पर लगातार 8 दिनों तक भर्ती रखा गया। इस दौरान न तो किसी का आंख का इलाज हुआ और नही किसी अन्य गंभीर बीमारी का उपचार किया गया। मरीजों का आरोप है कि उन्हें खराब और बासी भोजन दिया जाता था। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि मरीजों के आयुष्मान कार्ड से प्रति दिन प्रति मरीज लगभग ₹8,500 का बिल काटा गया। यह राशि किस पैकेज के अंतर्गत काटी गई।

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हॉस्पिटल प्रबंधन नहीं दे रही कोई जवाब:-

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शिकायत कर्ताओं के अनुसार जब पत्रकारों ने इस मामले पर Shree Medishine हॉस्पिटल प्रबंधन से बात करने की कोशिश की तो जिम्मेदार अधिकारी बात करने से बचते रहे। कई बार फोन करने पर केवल असिस्टेंट जवाब देते और बात करा रहे कहकर फोन काट देते कि इतना ही नहीं जब मरीजों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया, तब उन्हें इलाज से संबंधित कोई बिल, रसीद या जाँच रिपोर्ट भी नहीं दी गई। यह अपने आप में एक गंभीर सवाल खड़ा करता है कि आखिर मरीजों के नाम पर काटे गए भारी-भरकम बिल का हिसाब कहाँ गया।

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एजेंट द्वारा पत्रकार को मिली धमकी:-

आरोप की माने तो जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी पत्रकारों तक पहुँची और उन्होंने एजेंट लाकेश्वर जांगड़े से इस बारे में सवाल किए, तो पहले उसने यह स्वीकार किया कि केवल रूटीन जांच के लिए मरीजों को रखा गया था और आगे आँख के इलाज हेतु दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही। लेकिन जब पत्रकारों ने पुनः जानकारी लेनी चाही तो उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दे डाली। यह मामला न केवल शासन की योजनाओं के दुरुपयोग और गरीब जनता के साथ विश्वासघात का है, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हाल ही में प्रदेश में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या जैसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि भ्रष्ट और असामाजिक प्रवृत्ति के लोग सच उजागर करने वालों पर हमले करने से भी नहीं चूकते।

अपराध दर्ज करने की मांग :-

पीड़ित मरीजों और पत्रकारों ने बताया कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि संबंधित एजेंट, हॉस्पिटल मे आयुष्मान योजना के तहत कार्यरत स्टाफ एवं इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ IPC की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 504 (गाली-गलौज), 506 (आपराधिक धमकी), 120B (आपराधिक साजिश) तथा अन्य विधिसम्मत धाराओं के तहत तत्काल अपराध दर्ज कर कठोर कार्यवाही की जाए।

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