छत्तीसगढ़ के प्रतापगढ़ स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में एक महिला शिक्षिका द्वारा दूसरी कक्षा की छात्रा को अमानवीय सजा देने का मामला सामने आया है। बच्ची को टॉयलेट जाने पर 100 बार उठक-बैठक कराने और डंडे मारने की सजा दी गई, जिसके बाद उसके पैरों के मसल्स क्रैक हो गए।

फिलहाल छात्रा चलने-फिरने में असमर्थ है और निजी अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
पीड़ित बच्ची समृद्धि गुप्ता दूसरी क्लास की स्टूडेंट है। उसने बताया कि जब वह टॉयलेट जा रही थी तो रास्ते में शिक्षिका नम्रता गुप्ता मोबाइल चला रही थीं। उन्होंने बच्ची से घूमने का कारण पूछा। समृद्धि ने टॉयलेट जाने की बात कही, जिस पर शिक्षिका ने उसे दो डंडे मारे और क्लास में ले जाकर 100 बार उठक-बैठक करने को मजबूर कर दिया। सजा के बाद बच्ची के घुटनों के नीचे तेज दर्द शुरू हो गया और वह खड़ी होने या चलने की स्थिति में नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि उसके पैरों के मसल्स क्रैक हो गए हैं।
परिजनों ने की शिकायत समृद्धि गुप्ता के पिता मनोज गुप्ता अंबिकापुर में काम करते हैं, जबकि बच्ची अपने बड़े पिता अनुराग गुप्ता के साथ गुतुरमा में रहकर पढ़ाई करती है। परिजनों ने इस घटना की शिकायत सरगुजा एसपी से की है। इस मामले में सरगुजा के DEO दिनेश झा ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं सीतापुर ब्लॉक की BEO इंदु तिर्की ने घटना की पुष्टि की और कहा कि शिक्षा विभाग की टीम दो दिनों में जांच करेगी। अगर शिक्षिका दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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