रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान पुलिस अधिकारियों ने एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित बचाया। बालिका को प्लेटफार्म नंबर 1 पर स्थित महिला वेटिंग रूम के बाहर अकेले डरे-सहमे हालत में देखकर पुलिस ने उससे पूछताछ की।

24 जुलाई को उप निरीक्षक के.बी. गुप्ता, प्रधान आरक्षक पी.के. मेश्राम, प्रधान आरक्षक व्ही.सी. बंजारे, और आरक्षक एस.के. गिरी ने एक नाबालिग बालिका को प्लेटफार्म नंबर 1 पर अकेले और डरी हुई स्थिति में पाया। पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसके परिवार वाले उसकी शादी करवाना चाहते थे, लेकिन वह शादी नहीं करना चाहती थी। इस डर से कि घर लौटने पर परिवार वाले जबरदस्ती उसकी शादी करवा देंगे, वह घर से भाग आई थी। 17 वर्षीय बालिका ग्राम डाकडेरा, पोस्ट जुजुमुरा, थाना सिंदुरपंख, जिला संबलपुर (उड़ीसा) की रहने वाली है।
उसने बताया कि वह 23 जुलाई को रात में रायपुर स्टेशन पहुंची थी और इससे पहले वह टिटलागढ़ रेलवे स्टेशन पर थी। वह तीन दिनों से घर से निकली हुई थी। नाबालिग बालिका को अकेले यात्रा करना सुरक्षा कारणों से उचित नहीं समझा गया और उसकी घर न जाने की इच्छा को ध्यान में रखते हुए, उसे मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार स्टेशन मास्टर रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद, उसे अग्रिम कार्यवाही के लिए अध्यक्ष बाल कल्याण समिति रायपुर, छत्तीसगढ़ को सुपुर्द किया गया। इस सराहनीय कार्य में उप निरीक्षक के.बी. गुप्ता, प्रधान आरक्षक पी.के. मेश्राम, प्रधान आरक्षक व्ही.सी. बंजारे, और आरक्षक एस.के. गिरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता के कारण नाबालिग बालिका सुरक्षित है और उचित देखभाल के लिए बाल कल्याण समिति को सौंप दी गई है।
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